माफी मांगकर बड़ी गलती कर गए केजरीवाल, टूट सकती है पार्टी

Arvind Kejriwal, केजरीवाल
माफी मांगकर बड़ी गलती कर गए केजरीवाल, टूट सकती है पार्टी
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविन्द केजरीवाल द्वारा विक्रम सिंह मजीठिया से लिखित माफी मांगने पर पार्टी की अंदरूनी राजनीति तेज हो गई है। पार्टी की पंजाब इकाई के नेताओं ने अरविन्द केजरीवाल के माफी मांगने के फैसले को एक निजी और पार्टी के लोकतंत्र के खिलाफ करार दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी की पंजाब इकाई ने दिल्ली से अलग होकर पंजाब में अपना अलग नेतृत्व चुनने का फैसला किया है, जिसमें पार्टी की राष्ट्रीय…

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविन्द केजरीवाल द्वारा विक्रम सिंह मजीठिया से लिखित माफी मांगने पर पार्टी की अंदरूनी राजनीति तेज हो गई है। पार्टी की पंजाब इकाई के नेताओं ने अरविन्द केजरीवाल के माफी मांगने के फैसले को एक निजी और पार्टी के लोकतंत्र के खिलाफ करार दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी की पंजाब इकाई ने दिल्ली से अलग होकर पंजाब में अपना अलग नेतृत्व चुनने का फैसला किया है, जिसमें पार्टी की राष्ट्रीय इकाई का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।

जैसा कि आपको मालूम है कि पंजाब विधानसभा में आप के 20 विधायक हैं। इन सभी विधायकों का आरोप है कि वे पंजाब सरकार पर दबाव बनाकर मजीठिया के ड्रग कारोबार की जांच करवार कार्रवाई करवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी के ही राष्ट्रीय संयोजक पार्टी के मुद्दों पर मिट्टी डालने में लग गए हैं। इस फैसले को लेने के लिए पंजाब इकाई को भी विश्वास में लेने की कोशिश नहीं की गई।

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मजीठिया के मानहानि केस से डरकर अरविन्द केजरीवाल की ओर से माफी मांगने के बाद पंजाब से पार्टी के सांसद भगवत मान ने भी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी केजरीवाल के फैसले पर हैरानी जताई है।

अरविन्द केजरीवाल की माफी के बाद पार्टी के भीतर जिस तरह का माहौल बन रहा है कि उसे देखकर इतना ही कहा जा सकता है कि आप दिल्ली के बाद अपने दूसरे गढ़ पंजाब को खो सकती है। केजरीवाल पंजाब इकाई की नाराजगी को कैसे दूर करेगी यह बहुत बड़ा सवाल होगा।

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आपको बता दें कि अरविन्द केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान ड्रग्स की समस्या को बड़ा मुद्दा बनाया था। केजरीवाल ने चुनावी मंचों से विक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग्स कारोबार में संलिप्त होने के आरोप लगाते हुए कहा था कि पंजाब में सरकार बनाने के बाद उनकी पार्टी मजीठिया को जेल भेजेगी। अरविन्द केजरीवाल के ऐसे बयान पंजाब में हुई उनकी हर जनसभा के मंच से आए थे। अब केजरीवाल अपने आरोपों से मुकर गए हैं।

जानकारों की माने तो लंबे समय से पंजाब में एक वर्ग विक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग्स करोबार करने के आरोप लगाता आया है। चूंकि मजीठिया तत्कालीन सरकार में कैबिनेट मंत्री थे और उनके बहनोई सुखवीर सिंह बादल पंजाब के उप मुख्यमंत्री थे, ऐसे में कभी भी मजीठिया के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकी। अरविन्द केजरीवाल ने कानों सुनी बातों को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की, उनके ऐसे दावों के लिए न तो उनके पास कोई साक्ष्य थे और न ही कोई आधार। पंजाब में ड्रग्स की समस्या बेहद गंभीर थी, जिस वजह से केजरीवाल ने अपने आरोपों से अच्छा पॉलिटिकल माइलेज लिया।

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