कैप्टन अमरिंदर सिंह के तेवर आक्रामक, नवजोत सिंह सिद्धू के राजनीतिक भविष्य पर लटकी तलवार

sidhhu
कैप्टन अमरिंदर सिंह के तेवर आक्रामक, नवजोत सिंह सिद्धू के राजनीतिक भविष्य पर लटकी तलवार

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तल्खी सभी के सामने उजागर हुई थी। वहीं पंजाब में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अब नवजोत सिंह सिद्धू का राजनीतिक भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि नवजोत सिंह के राजनीतिक भविष्य कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिका हुआ है। देश भर में कांग्रेस के पक्ष में 100 से अधिक चुनावी रैलियां करने वाले पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।

Punjab Cm Captain Amrinder Singh Against Navjot Sidhu :

वहीं सिद्धू की पत्नी ने डॉ नवजोत कौर सिद्धू दावा करें कि बठिंडा में सिद्धू के प्रचार के कारण ही हार का मार्जिन कम हुआ। लेकिन गुरदासपुर में उपचुनाव में एक लाख 93 हजार मतों से जीतने वाले प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ सिद्धू भारी मतों से क्यों हारे, इसका जवाब सिद्धू दंपति के पास नहीं है। वहीं सिद्धू ने मध्यप्रदेश के भोपाल लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की चुनावी रैली में लोगों को ऐसा छक्का मारने की अपील की थी, जिससे मोदी सीमा पार जाकर गिरे।

मोदी जब भोपाल में साध्वी प्रज्ञा के लिए चुनाव प्रचार में गए थे तो सिद्धू के इस भाषण का उल्लेख भी किया था, लेकिन इस सीट से दिग्विजय हार गए। इसके साथ ही सिद्धू ने हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित महाराष्ट्र में कई जनसभाएं की थी लेकिन वहां पर भी कांग्रेस बुरी तरह से हार गये।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी के साथ अति निकट संबंधों के कारण कैप्टन अमरिंदर सिंह को निशाना बनाने वाले सिद्धू के लिए कांग्रेस की हार ने नई राजनीतिक मुश्किलें पैदा कर दी हैं। कैप्टन अब सिद्धू को किनारे लगाने के लिए पंजाब में कांग्रेस की जीत के दम पर राहुल गांधी पर दबाव बनाने की स्थिति में हैं।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तल्खी सभी के सामने उजागर हुई थी। वहीं पंजाब में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अब नवजोत सिंह सिद्धू का राजनीतिक भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि नवजोत सिंह के राजनीतिक भविष्य कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिका हुआ है। देश भर में कांग्रेस के पक्ष में 100 से अधिक चुनावी रैलियां करने वाले पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। वहीं सिद्धू की पत्नी ने डॉ नवजोत कौर सिद्धू दावा करें कि बठिंडा में सिद्धू के प्रचार के कारण ही हार का मार्जिन कम हुआ। लेकिन गुरदासपुर में उपचुनाव में एक लाख 93 हजार मतों से जीतने वाले प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ सिद्धू भारी मतों से क्यों हारे, इसका जवाब सिद्धू दंपति के पास नहीं है। वहीं सिद्धू ने मध्यप्रदेश के भोपाल लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की चुनावी रैली में लोगों को ऐसा छक्का मारने की अपील की थी, जिससे मोदी सीमा पार जाकर गिरे। मोदी जब भोपाल में साध्वी प्रज्ञा के लिए चुनाव प्रचार में गए थे तो सिद्धू के इस भाषण का उल्लेख भी किया था, लेकिन इस सीट से दिग्विजय हार गए। इसके साथ ही सिद्धू ने हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित महाराष्ट्र में कई जनसभाएं की थी लेकिन वहां पर भी कांग्रेस बुरी तरह से हार गये। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी के साथ अति निकट संबंधों के कारण कैप्टन अमरिंदर सिंह को निशाना बनाने वाले सिद्धू के लिए कांग्रेस की हार ने नई राजनीतिक मुश्किलें पैदा कर दी हैं। कैप्टन अब सिद्धू को किनारे लगाने के लिए पंजाब में कांग्रेस की जीत के दम पर राहुल गांधी पर दबाव बनाने की स्थिति में हैं।