डोप टेस्ट में फेल हो गए अमरिंदर के MLA, खुद बताई जांच के पॉजिटिव रहने की वजह

mla surinder singh choudhary
डोप टेस्ट में फेल हो गए अमरिंदर के MLA, खुद बताई जांच के पॉजिटिव रहने की वजह

नई दिल्ली। पंजाब में कांग्रेस के विधायक सुरिंदर सिंह चौधरी डोप टेस्ट में फेल हो गए। डॉक्टरों के अनुसार, यूरीन सैंपल में अवसाद और नींद की दिक्कत में ली जाने वाली नशीली दवा बेंजोडाइजेपिन के अंश मिले थे। सिंह यहां के करतारपुर से विधायक हैं। उन्होंने इस बारे में कहा, “दिमाग को थोड़ी राहत देने के लिए कुछ दिनों से दवा खा रहा था। ऐसा मैं डॉक्टर के कहने पर कर रहा था।” डोप टेस्ट का यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें कोई नेता पॉजिटिव निकला है।

Punjab Congress Mla Surinder Singh Chaudhry Failed In Dope Test :

बता दें यह पहला मौका है जब किसी नेता का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया हो। इसके पहले विधायक बावा हैनरी, रजिंदर बेरी ,सांसद चौधरी संतोख सिंह, विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा डोप टेस्ट करवा चुके हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंस (एनडीपीएस) कानून, 1985 में संशोधन के जरिए ड्रग की तस्करी करने के लिए मौत की सजा के प्रवधान की सिफारिश करने का फैसला लिया गया था। जिसके तहत पंजाब में 3.5 लाख सरकारी कर्मचारी के डोप टेस्ट होंगे। इस नियम के बाद अब नेताओं में भी डोप टेस्ट कराने की होड़ लगी हुई है।

हालांकि, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डोप टेस्ट को लेकर सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए यह भी कहा था कि जो पॉजिटिव पाए गए, उन्हें सजा नहीं मिलेगी। न ही उनको नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। सीएम ने यह भी बताया कि डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले कर्मचारियों का इलाज कराया जाएगा। यही नहीं, उनके परीक्षण से जुड़ी सभी जानकारियों गुप्त रखी जाएंगी।

नई दिल्ली। पंजाब में कांग्रेस के विधायक सुरिंदर सिंह चौधरी डोप टेस्ट में फेल हो गए। डॉक्टरों के अनुसार, यूरीन सैंपल में अवसाद और नींद की दिक्कत में ली जाने वाली नशीली दवा बेंजोडाइजेपिन के अंश मिले थे। सिंह यहां के करतारपुर से विधायक हैं। उन्होंने इस बारे में कहा, “दिमाग को थोड़ी राहत देने के लिए कुछ दिनों से दवा खा रहा था। ऐसा मैं डॉक्टर के कहने पर कर रहा था।” डोप टेस्ट का यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें कोई नेता पॉजिटिव निकला है।बता दें यह पहला मौका है जब किसी नेता का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया हो। इसके पहले विधायक बावा हैनरी, रजिंदर बेरी ,सांसद चौधरी संतोख सिंह, विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा डोप टेस्ट करवा चुके हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंस (एनडीपीएस) कानून, 1985 में संशोधन के जरिए ड्रग की तस्करी करने के लिए मौत की सजा के प्रवधान की सिफारिश करने का फैसला लिया गया था। जिसके तहत पंजाब में 3.5 लाख सरकारी कर्मचारी के डोप टेस्ट होंगे। इस नियम के बाद अब नेताओं में भी डोप टेस्ट कराने की होड़ लगी हुई है।हालांकि, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डोप टेस्ट को लेकर सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए यह भी कहा था कि जो पॉजिटिव पाए गए, उन्हें सजा नहीं मिलेगी। न ही उनको नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। सीएम ने यह भी बताया कि डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले कर्मचारियों का इलाज कराया जाएगा। यही नहीं, उनके परीक्षण से जुड़ी सभी जानकारियों गुप्त रखी जाएंगी।