पुष्कर मेले का आकर्षण बना 15 करोड़ का भीम नाम का ये भैंसा, पीता है 1 क‍िलो घी, खाता है बादाम

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पुष्कर मेले का आकर्षण बना 15 करोड़ का भीम नाम का ये भैंसा, पीता है 1 क‍िलो घी, खाता है बादाम

नई दिल्ली। राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय पशु मेले में मुर्रा नस्ल का 15 करोड़ रुपये का भैंसा ‘भीम’ आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 13 सौ किलो वजनी यह भैंसा साढ़े छह साल का है। अंतरराष्ट्रीय पशु मेले में विभिन्न प्रजाति के करीब पांच हजार से अधिक पशु पहुंचे हैं। इनमें कई ऊंट व अश्व अपनी नस्ल, कद-काठी के कारण मेले में आए देशी-विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।

Pushkar Trade Fare Murrah Bull Bhim Main Attraction :

भीम के रख-रखाव पर प्रतिमाह डेढ़ लाख का खर्चा

भीमकाय भैंसे के रखरखाव और खुराक पर प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपए खर्च हो रहा है। अरविंद ने बताया, भैंसे को प्रतिदिन एक किलो घी, आधा किलो मक्खन, दो सौ ग्राम शहद, 25 लीटर दूध, एक किलो काजू-बादाम आदि खिलाया जाता है।

भैंसे के सीमन की देश में बड़ी डिमांड

मालिक पुत्र अरविंद के मुताबित, वे मेले में भी भैंसे को बेचने के लिए नहीं बल्कि मुर्रा नस्ल के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से केवल प्रदर्शन करने के लिए लाए हैं। पिछले साल पहली बार पुष्कर मेले में भीम को लेकर आए थे। इसके बाद कई मेलों में आयोजित पशु प्रतियोगिता में भी भाग लेकर पुरस्कार जीते हैं। मेले में वे पहली बार इच्छुक पशुपालकों को भीम का सीमन भी उपलब्ध करा रहे हैं। मुर्रा नस्ल के इस भैंसे के सीमन की देश में बड़ी मांग है।

एक साल में बढ़ी दो करोड़ कीमत

भीम का वजन एक साल में सौ किलो व कीमती दो करोड़ बढ़ी। पिछले साल पुष्कर मेले में पहली बार जब भीम को लाया गया था तब इसका वजन 12 सौ किलो था और कीमत 12 करोड़ आंकी गई थी। अब इसके विक्रेता भीम के 14 करोड़ रुपए देने के लिए तैयार हैं।  

 

नई दिल्ली। राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय पशु मेले में मुर्रा नस्ल का 15 करोड़ रुपये का भैंसा ‘भीम’ आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 13 सौ किलो वजनी यह भैंसा साढ़े छह साल का है। अंतरराष्ट्रीय पशु मेले में विभिन्न प्रजाति के करीब पांच हजार से अधिक पशु पहुंचे हैं। इनमें कई ऊंट व अश्व अपनी नस्ल, कद-काठी के कारण मेले में आए देशी-विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। भीम के रख-रखाव पर प्रतिमाह डेढ़ लाख का खर्चा भीमकाय भैंसे के रखरखाव और खुराक पर प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपए खर्च हो रहा है। अरविंद ने बताया, भैंसे को प्रतिदिन एक किलो घी, आधा किलो मक्खन, दो सौ ग्राम शहद, 25 लीटर दूध, एक किलो काजू-बादाम आदि खिलाया जाता है। भैंसे के सीमन की देश में बड़ी डिमांड मालिक पुत्र अरविंद के मुताबित, वे मेले में भी भैंसे को बेचने के लिए नहीं बल्कि मुर्रा नस्ल के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से केवल प्रदर्शन करने के लिए लाए हैं। पिछले साल पहली बार पुष्कर मेले में भीम को लेकर आए थे। इसके बाद कई मेलों में आयोजित पशु प्रतियोगिता में भी भाग लेकर पुरस्कार जीते हैं। मेले में वे पहली बार इच्छुक पशुपालकों को भीम का सीमन भी उपलब्ध करा रहे हैं। मुर्रा नस्ल के इस भैंसे के सीमन की देश में बड़ी मांग है। एक साल में बढ़ी दो करोड़ कीमत भीम का वजन एक साल में सौ किलो व कीमती दो करोड़ बढ़ी। पिछले साल पुष्कर मेले में पहली बार जब भीम को लाया गया था तब इसका वजन 12 सौ किलो था और कीमत 12 करोड़ आंकी गई थी। अब इसके विक्रेता भीम के 14 करोड़ रुपए देने के लिए तैयार हैं।