पुष्पेंद्र एनकाउंटर:अखिलेश के पहुंचने से पहले झांसी में बवाल, 40 प्रदर्शनकारियों को भेजा गया जेल

akhilesh yadav
पुष्पेंद्र एनकाउंटर:अखिलेश के पहुंचने से पहले झांसी में बवाल, 40 प्रदर्शनकारियों को भेजा गया जेल

लखनऊ। यूपी के झांसी में पुष्पेन्द्र एनकाउंटर कांड तूल पकड़ता जा रहा है। पुष्पेंद्र के एनकाउंटर के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। आज बुधवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मौके पर पहुंचने वाले हैं। सपा मुखिया एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिवार वालों से मुलाकात करेंगे। रात में सर्किट हाउस में रुकने बाद अखिलेश गुरुवार सुबह वापस लौटेंगे। वहीं झांसी में पुष्पेंद्र के एनकाउंटर को लेकर सपा नेता व कार्यकर्ता भारी संख्या में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पूरे जिले में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। भारी संख्या में पुलिस बल का तैनाती की गई है। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे राज्यसभा सांसद चंद्रपाल यादव और बर्खास्त फौजी तेज बहादुर समेत 40 सपा नेताओं को शांतिभंग के आरोप में जेल भेज दिया है।

Pushpendra Encounter Before Akhilesh Reaches Jhansi There Is Tremendous Ruckus 40 Protesters Sent To Jail :

पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर काफी संख्या में लोग मोंठ तहसील में धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों में आम चुनावों के दौरान वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद सुर्खियों में आए बर्खास्त फौजी तेज बहादुर और राज्यसभा सांसद चंद्रपाल यादव शामिल हैं। हालात पर नियंत्रण बना रहे इसके लिए पुलिस ने बुधवार को मौके पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 प्रदर्शनकारियों को जेल भेज दिया है।

आपको बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव से पहले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की सात सदस्यीय टीम मंगलवार 8 अक्टूबर को पुष्पेंद्र के ग्राम करगुआ जिला झांसी जाकर उनके परिवारीजन से मिला। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के पुत्र और महासचिव आदित्य यादव, पूर्व मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला, रामनरेश यादव, सुंदर लाल लोधी, वीरपाल सिंह यादव, दीपक मिश्रा, चौधरी छत्रपाल सिंह यादव, विष्णुपाल सिंह उर्फ नन्हू राजा व जर्रार हुसैन भी शामिल थे।

मोंठ इंस्पेक्टर पर हमले के बाद हुआ था एनकाउंटर

आपको बता दें कि झांसी के थाना मोंठ के बमरौली तिराहा पर 5 अक्टूबर की रात मोंठ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान पर बाइक सवार युवकों विपिन, पुष्पेंद्र व रविंद्र ने हमला बोल दिया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी युवक इंस्पेक्टर की कार और मोबाइल लूट कर ले गए थे। इंस्पेक्टर पर हमला और उनकी कार लूटने पर कई थानों की पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। देर रात आरोपित युवक गुरसरांय क्षेत्र के गांव फरीदा के पास मिल गए। इस दौरान हुई कथत मुठभेड़ में आरोपित पुष्पेंद्र घायल हो गया। घायल को गुरसरांय के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। दो आरोपित विपिन व रविंद्र भाग गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। पुष्पेंद्र यादव के पुलिस एनकाउंटर को परिवारीजन फर्जी बताया था। पुष्पेंद्र के भाई ने कहा कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि खुलेआम हत्या है। डीएम शिवसहाय अवस्थी ने घटना की मजिस्ट्रट जांच के आदेश दिये थे।

लखनऊ। यूपी के झांसी में पुष्पेन्द्र एनकाउंटर कांड तूल पकड़ता जा रहा है। पुष्पेंद्र के एनकाउंटर के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। आज बुधवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मौके पर पहुंचने वाले हैं। सपा मुखिया एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिवार वालों से मुलाकात करेंगे। रात में सर्किट हाउस में रुकने बाद अखिलेश गुरुवार सुबह वापस लौटेंगे। वहीं झांसी में पुष्पेंद्र के एनकाउंटर को लेकर सपा नेता व कार्यकर्ता भारी संख्या में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पूरे जिले में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। भारी संख्या में पुलिस बल का तैनाती की गई है। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे राज्यसभा सांसद चंद्रपाल यादव और बर्खास्त फौजी तेज बहादुर समेत 40 सपा नेताओं को शांतिभंग के आरोप में जेल भेज दिया है। पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर काफी संख्या में लोग मोंठ तहसील में धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों में आम चुनावों के दौरान वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद सुर्खियों में आए बर्खास्त फौजी तेज बहादुर और राज्यसभा सांसद चंद्रपाल यादव शामिल हैं। हालात पर नियंत्रण बना रहे इसके लिए पुलिस ने बुधवार को मौके पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 प्रदर्शनकारियों को जेल भेज दिया है। आपको बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव से पहले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की सात सदस्यीय टीम मंगलवार 8 अक्टूबर को पुष्पेंद्र के ग्राम करगुआ जिला झांसी जाकर उनके परिवारीजन से मिला। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के पुत्र और महासचिव आदित्य यादव, पूर्व मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला, रामनरेश यादव, सुंदर लाल लोधी, वीरपाल सिंह यादव, दीपक मिश्रा, चौधरी छत्रपाल सिंह यादव, विष्णुपाल सिंह उर्फ नन्हू राजा व जर्रार हुसैन भी शामिल थे।

मोंठ इंस्पेक्टर पर हमले के बाद हुआ था एनकाउंटर

आपको बता दें कि झांसी के थाना मोंठ के बमरौली तिराहा पर 5 अक्टूबर की रात मोंठ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान पर बाइक सवार युवकों विपिन, पुष्पेंद्र व रविंद्र ने हमला बोल दिया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी युवक इंस्पेक्टर की कार और मोबाइल लूट कर ले गए थे। इंस्पेक्टर पर हमला और उनकी कार लूटने पर कई थानों की पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। देर रात आरोपित युवक गुरसरांय क्षेत्र के गांव फरीदा के पास मिल गए। इस दौरान हुई कथत मुठभेड़ में आरोपित पुष्पेंद्र घायल हो गया। घायल को गुरसरांय के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। दो आरोपित विपिन व रविंद्र भाग गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। पुष्पेंद्र यादव के पुलिस एनकाउंटर को परिवारीजन फर्जी बताया था। पुष्पेंद्र के भाई ने कहा कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि खुलेआम हत्या है। डीएम शिवसहाय अवस्थी ने घटना की मजिस्ट्रट जांच के आदेश दिये थे।