पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर : हटाए गए झांसी के एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, राहुल श्रीवास्तव को जिम्मेदारी

खाकी पर लगा दाग, मोबाइल हड़पने वाले चर्चित सिपाही को बचाने में लगे कोतवाल
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लखनऊ। पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर में घिरी झांसी पुलिस पर गाज गिरनी शुरू हो गयी है। शासन ने झांसी के एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी को हटा दिया है। इनकी जगह डीजीपी के पीआरओ रहे राहुल श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गयी है। वहीं, श्रीप्रकाश द्विवेदी को एसपी तकनीकी सेवाएं लखनऊ भेजा गया है। शनिवार को चार एडिशनल एसपी के तबादले किए हैं। जिसमें हरेंद्र कुमार को बुलंदशहर का एसपी ग्रामीण, जबकि बुलंदशहर के एसपी ग्रामीण मनीष कुमार को एसपी सिटी गाजियाबाद का चार्ज दिया गया है।

Pushpendra Yadav Encounter Jhansis Sp City Sriprakash Dwivedi Removed :

बता दें कि, छह अक्टूबर को पुष्पेंद्र यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस का कहना था कि, गुरसराय इलाके में पुलिस टीम को देखकर पुष्पेंद्र ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से पुष्पेंद्र घायल हो गया था। घायल आरोपी को लेकर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची थी जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया था।

इसके साथ इस एनकाउंटर के बाद झांसी पुलिस पर कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं, इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि विजयदशमी की सुबह से पहले रात के अंधेरे में झांसी में सत्ता की ताकत झोंककर पुष्पेंद्र यादव यादव का अंतिम संस्कार कर सरकार ने न्याय की चिता जलाई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने एनकाउंटर करने वाले दारोगा धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी।

लखनऊ। पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर में घिरी झांसी पुलिस पर गाज गिरनी शुरू हो गयी है। शासन ने झांसी के एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी को हटा दिया है। इनकी जगह डीजीपी के पीआरओ रहे राहुल श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गयी है। वहीं, श्रीप्रकाश द्विवेदी को एसपी तकनीकी सेवाएं लखनऊ भेजा गया है। शनिवार को चार एडिशनल एसपी के तबादले किए हैं। जिसमें हरेंद्र कुमार को बुलंदशहर का एसपी ग्रामीण, जबकि बुलंदशहर के एसपी ग्रामीण मनीष कुमार को एसपी सिटी गाजियाबाद का चार्ज दिया गया है। बता दें कि, छह अक्टूबर को पुष्पेंद्र यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस का कहना था कि, गुरसराय इलाके में पुलिस टीम को देखकर पुष्पेंद्र ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से पुष्पेंद्र घायल हो गया था। घायल आरोपी को लेकर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची थी जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया था। इसके साथ इस एनकाउंटर के बाद झांसी पुलिस पर कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं, इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि विजयदशमी की सुबह से पहले रात के अंधेरे में झांसी में सत्ता की ताकत झोंककर पुष्पेंद्र यादव यादव का अंतिम संस्कार कर सरकार ने न्याय की चिता जलाई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने एनकाउंटर करने वाले दारोगा धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी।