अमेरिका ने भारत को दी धमकी, अगर रूस से की S-400 डील तो लगा देंगे बैन

अमेरिका की भारत को 'चेतावनी', अगर रूस से की S-400 डील तो लगा देंगे बैन
अमेरिका की भारत को 'चेतावनी', अगर रूस से की S-400 डील तो लगा देंगे बैन

नई दिल्ली। भारत के रूस के साथ होने वाले सैन्य समझौतों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। चीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने अब धमकी दी है कि वह अगर भारत ने रूस के साथ एस-400 डील की तो उस पर भी बैन लगाया जा सकता है। पिछले दिनों निर्मला सीतारमण की विदेश यात्रा के दौरान भी इस सौदे को लेकर बात हुई थी। इसके बावजूद इस पर अब तक भी पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की चेतावनी को भी भारत पूरी तरह से दरकिनार नहीं कर सकता है।

Putin And Modi Will Talk On S400 Missile System During Indo Russian Summit :

अमेरिका-भारत संबंध

ऐसा इसलिए भी है क्‍योंकि हालिया कुछ वर्षों में भारत और अ‍मेरिका के बीच कुछ विवादित मुद्दों के बावजूद संबंध बेहद मजबूत हुए हैं। पिछले दिनों अमेरिका ने भारत को जिस तर्ज पर अहम दर्जा दिया है यह उसका जीता जागता सुबूत भी है। ऐसे में भारत न तो रूस से सौदा रद कर सकता है और न ही वह अमेरिका से बिगाड़ना चाहेगा। ऐसे में भारत को कहीं न कहीं बीच का रास्‍ता जरूर तलाश करना होगा। यह रास्‍ता मुमकिन है कि आने वाले दिनों में तलाश भी कर लिया जाए।

अहम है ये डिफेंस सिस्टम

भारत रूस से जो डिफेंस सिस्टम खरीदने जा रहा है ये दुश्मन के रणनीतिक जहाजों, जासूसी हवाई जहाजों, मिसाइलों और ड्रोन को 400 किमी की रेंज और हवा से 30 किमी ऊपर ही नष्ट कर सकता है। इस सिस्टम को भारत के लिए एक बड़े गेमचेंजर के रूप में बताया गया था।

पीएम मोदी और पुतिन के बीच बातचीत के बाद बनी सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के बीच गोवा में 2016 में हुई बैठक में एस 400 डिफेंस सिस्टम को खरीदने पर सहमति बनी थी। इधर अमेरिका ने इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी हुई है।

अमेरिकी कानून से कई प्रोजेक्ट अधर में

अमेरिका अपने एक कानून सीएएटीएसए (काउंटरिंग अमेरिकाज अडवर्सरीज थ्रू सैंक्संस ऐक्ट) के जरिए दूसरे देशों को रूस से हथियार खरीदने से रोकने की कोशिश कर रहा है। इसी कारण भारत और रूस के बीच कई अहम प्रोजेक्ट अधर में लटक गए हैं।

नई दिल्ली। भारत के रूस के साथ होने वाले सैन्य समझौतों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। चीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने अब धमकी दी है कि वह अगर भारत ने रूस के साथ एस-400 डील की तो उस पर भी बैन लगाया जा सकता है। पिछले दिनों निर्मला सीतारमण की विदेश यात्रा के दौरान भी इस सौदे को लेकर बात हुई थी। इसके बावजूद इस पर अब तक भी पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की चेतावनी को भी भारत पूरी तरह से दरकिनार नहीं कर सकता है।

अमेरिका-भारत संबंध

ऐसा इसलिए भी है क्‍योंकि हालिया कुछ वर्षों में भारत और अ‍मेरिका के बीच कुछ विवादित मुद्दों के बावजूद संबंध बेहद मजबूत हुए हैं। पिछले दिनों अमेरिका ने भारत को जिस तर्ज पर अहम दर्जा दिया है यह उसका जीता जागता सुबूत भी है। ऐसे में भारत न तो रूस से सौदा रद कर सकता है और न ही वह अमेरिका से बिगाड़ना चाहेगा। ऐसे में भारत को कहीं न कहीं बीच का रास्‍ता जरूर तलाश करना होगा। यह रास्‍ता मुमकिन है कि आने वाले दिनों में तलाश भी कर लिया जाए।

अहम है ये डिफेंस सिस्टम

भारत रूस से जो डिफेंस सिस्टम खरीदने जा रहा है ये दुश्मन के रणनीतिक जहाजों, जासूसी हवाई जहाजों, मिसाइलों और ड्रोन को 400 किमी की रेंज और हवा से 30 किमी ऊपर ही नष्ट कर सकता है। इस सिस्टम को भारत के लिए एक बड़े गेमचेंजर के रूप में बताया गया था।

पीएम मोदी और पुतिन के बीच बातचीत के बाद बनी सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के बीच गोवा में 2016 में हुई बैठक में एस 400 डिफेंस सिस्टम को खरीदने पर सहमति बनी थी। इधर अमेरिका ने इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी हुई है।

अमेरिकी कानून से कई प्रोजेक्ट अधर में

अमेरिका अपने एक कानून सीएएटीएसए (काउंटरिंग अमेरिकाज अडवर्सरीज थ्रू सैंक्संस ऐक्ट) के जरिए दूसरे देशों को रूस से हथियार खरीदने से रोकने की कोशिश कर रहा है। इसी कारण भारत और रूस के बीच कई अहम प्रोजेक्ट अधर में लटक गए हैं।