PWD में भी 122 बाबुओं को दी गई नियमों को ताक पर रखकर प्रोनत्ति

लखनऊ: भ्रष्टाचार के आरोपी नोएडा, नोएडा विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह की तरह लोक निर्माण विभाग में भी नियम को ताक पर रखकर प्रोनत्ति दी गई। पीडब्ल्यूडी में 100 से ज्यादा कर्मचारियों को बिना पात्रता के इंजीनियर बना दिया गया है। जबकि यूसीजी ने उनके डिप्लोमा को अवैध ठहरा दिया है।




बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग ने कुछ समय पहले 122 बाबु को जेई बनाया था। इंजीनियरिंग के जिस डिप्लोमा के आधार पर उन्हें प्रोनति दी गई उन्हें यूसीजी ने अमान्य ठहरा दिया है। फिर भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। सूत्रों की माने तो करोङो के लेनदेन में यह खेल खेला गया।




बताया जता है कि अवर अभियन्ता के 5 फीसदी पद बाबुओं के प्रमोशन से भरे जाने के नियंम है। नियमावली में वर्ष 2013 में किये गए संसोधन के तहत वैध डिप्लोमा धारक को इंजीनियर बनाया जाएगा। इस संसोधन का लाभ लेने के लिए कई बाबुओं ने राजस्थान के एक विवि के दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय डिप्लोमा हासिल कर लिया। जिसके बाद 122 बाबुओं को प्रमोशन देकर जेई बना दिया गया। और नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया। बाद में जब यूसीजी ने रिपोर्ट माँगी तो वह डिप्लोमा को अमान्य बता दिया।

यूसीजी के जवाब मिले तीन माह हो गए लेकिन अभी तक कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया।