रवींद्रनाथ टैगोर 158वीं जयंती: जाने उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

रवींद्रनाथ टैगोर 158वीं जयंती: जाने उनसे जुड़ी कुछ खास बातें
रवींद्रनाथ टैगोर 158वीं जयंती: जाने उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की आज 158वीं जयंती है। उनका जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता में जोरासंको हवेली में हुआ था, हालांकि बंगाली कलेंडर के हिसाब से उनका जन्म 9 मई को भी माना जाता है। आज हम आपको रवींद्रनाथ टैगोर के जन्मदिन के मौके पर उनसे जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बताने जा रहे हैं।

Rabindranath Tagore 158 Anniversary :

  • रवींद्रनाथ टैगोर ऐसे पहले शख्स थे जिनकी रचनाओं को दो देशों में राष्ट्रगान के रूप में गाया जाता है। इनमें एक है भारत का जन गण मन… और दूसरा है बांग्लादेश का अमार शोनार बांग्ला…।
  • टैगोर की लोकप्रिय किताबों में से एक ‘द किंग ऑफ द डार्क चैंबर’ भी है। जिसकी बीते साल अमेरिका में सात सौ डॉलर (करीब 45 हजार रुपये) में नीलामी हुई है। ये किताब 1916 में मैकमिनल कंपनी ने प्रकाशित की थी, जो टैगोर के हिंदी में लिखे नाटक ‘राजा’ का अंग्रेजी अनुवाद है। इस नाटक की कहानी एक रहस्यमय राजा से जुड़ी है।
  • रवींद्रनाथ टैगोर की 3,500 कविताओं का एक डिजिटल संग्रह भी है। खास बात ये है कि इस संग्रह में ऐसी 15 कविताएं मौजूद हैं, जिनका पाठ खुद टैगार ने किया था। अन्य 245 कविताओं का पाठ वक्ताओं ने किया है।
  • गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर चित्र बनाने में भी पारंगत थे, उन्होंने 60 साल की उम्र के दौरान चित्र बनाने शुरू किए थे।
  • उनकी कई प्रदर्शनी यूरोप, रूस और अमेरिका में लगी हैं।
  • उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, चीन सहित दर्जनों देशों की यात्राएं की थीं।
  • उन्होंने एक दर्जन से अधिक उपन्यास भी लिखे थे।
  • टैगोर की शादी 1883 में मृणालिनी देवी के साथ हुई थी। उनकी पत्नी ने बाद में उच्च शिक्षा प्राप्त की और इंग्लैंड जाकर भी पढ़ाई की। उन्होंने कुछ किताबों का अनुवाद भी किया। टैगोर को उनसे पांच बच्चे हुए।
  • रवीन्द्रनाथ टैगोर ने हजारों गीतों की रचना की है।
नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की आज 158वीं जयंती है। उनका जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता में जोरासंको हवेली में हुआ था, हालांकि बंगाली कलेंडर के हिसाब से उनका जन्म 9 मई को भी माना जाता है। आज हम आपको रवींद्रनाथ टैगोर के जन्मदिन के मौके पर उनसे जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बताने जा रहे हैं।
  • रवींद्रनाथ टैगोर ऐसे पहले शख्स थे जिनकी रचनाओं को दो देशों में राष्ट्रगान के रूप में गाया जाता है। इनमें एक है भारत का जन गण मन... और दूसरा है बांग्लादेश का अमार शोनार बांग्ला...।
  • टैगोर की लोकप्रिय किताबों में से एक 'द किंग ऑफ द डार्क चैंबर' भी है। जिसकी बीते साल अमेरिका में सात सौ डॉलर (करीब 45 हजार रुपये) में नीलामी हुई है। ये किताब 1916 में मैकमिनल कंपनी ने प्रकाशित की थी, जो टैगोर के हिंदी में लिखे नाटक 'राजा' का अंग्रेजी अनुवाद है। इस नाटक की कहानी एक रहस्यमय राजा से जुड़ी है।
  • रवींद्रनाथ टैगोर की 3,500 कविताओं का एक डिजिटल संग्रह भी है। खास बात ये है कि इस संग्रह में ऐसी 15 कविताएं मौजूद हैं, जिनका पाठ खुद टैगार ने किया था। अन्य 245 कविताओं का पाठ वक्ताओं ने किया है।
  • गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर चित्र बनाने में भी पारंगत थे, उन्होंने 60 साल की उम्र के दौरान चित्र बनाने शुरू किए थे।
  • उनकी कई प्रदर्शनी यूरोप, रूस और अमेरिका में लगी हैं।
  • उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, चीन सहित दर्जनों देशों की यात्राएं की थीं।
  • उन्होंने एक दर्जन से अधिक उपन्यास भी लिखे थे।
  • टैगोर की शादी 1883 में मृणालिनी देवी के साथ हुई थी। उनकी पत्नी ने बाद में उच्च शिक्षा प्राप्त की और इंग्लैंड जाकर भी पढ़ाई की। उन्होंने कुछ किताबों का अनुवाद भी किया। टैगोर को उनसे पांच बच्चे हुए।
  • रवीन्द्रनाथ टैगोर ने हजारों गीतों की रचना की है।