‘रागिनी’ के बाप को रहेगा जीवन भर मलाल, काश! ऐसा किया होता तो बेटी ज़िंदा होती

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया में 8 अगस्त की दोपहर बांसडीह रोड के बजहां गांव में सरेराह हुई 17 वर्षीय रागिनी दुबे की हत्या की चर्चा प्रदेश भर में हो रही है। जो भी इस घटना के बारे में सुन रहा है उसकी सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ जुड़ रही है। लोगों की यह सहानुभूति अपने भीतर कुछ सवाल भी समेटे हुए है। ये वही सवाल हैं जो एकबार रागिनी के मां बाप के जहन में जरूर उठे होंगे। शायद उनकी लापरवाही सामाजिक शर्म या फिर अपनी दोनों बेटियों के भविष्य की चिंता के रूप में आई होगी। अगर वे थोड़ा ऊपर उठकर सोच लेते तो शायद रागिनी आज जिंदा होती और परिवार पर बेटी की मौत का गम पहाड़ बनकर न टूटा होता।

अगर आप भी किसी बेटी के पिता है तो संभवतय: आपको भी सतर्क रहने की जरूरत है। हो सकता है आप आज जिन घटनाओं को छोटा समझ कर नजरंदाज कर रहे हैं कल को उनमें से ही कोई घटना आपके लिए दुख का ​कारण बन जाए। इस विषय को उठाने का उठाने का मकसद आपको चेतावनी देना मात्र है।

रागिनी के पिता ने जानकारी होने के बाद भी पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की —

रागिनी की हत्या का सबसे बड़ा कारण उसके परिवार का सीधे पुलिस के पास नहीं जाने के रूप में भी नजर आता है। अगर रागिनी के पिता ने उसके साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटना की शिकायत पुलिस में की होती तो इस मामले को पुलिस अपने हिसाब से निपटाती। चूंकि शिकायत आरोपी के पिता से ही की गई थी इसलिए आरोपी के जहन में अपने डर के बजाय एक बदले की भावना पैदा हुई। अगर यह शिकायत पुलिस के पास जाती तो अधिकारियों की चेतावनी से उसके अंदर कानूनी कार्रवाई को लेकर डर पैदा होता। शायद इस एक कदम से रागिनी को सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता था और प्रिंस को हत्यारा बनने से भी रोका जा सकता था।

क्या परिवार की सुरक्षा से ऊपर है समाज की चिंता —

रागिनी के पिता के पुलिस में शिकायत न करने के पीछे के दो ही कारण नजर आते हैं। पहला कि वे जिस गांव में रहते है उस गांव के सबसे रसूखदार नेता और कई बार के प्रधान के बेटे के खिलाफ पुलिस में जाने से गांव को लोग उनके खिलाफ हो जाते। दूसरा डर सामाजिक शर्म का रहा होगा। जिसने उन्हेंं अपनी दोनों ​बेटियों के भविष्य को लेकर भयभीत किया होगा।

हत्यारे की चेतावनी के बाद भी पुलिस में क्यों नहीं की शिकायत —

रागिनी के पिता की शिकायत के बावजूद प्रिंस ने जिस तरह से उसके घर पर आकर हत्या करने की धमकी दी थी उसे नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए था। उसकी लिखित शिकायत पुलिस में की जानी चाहिए थी।

पूरे क्षेत्र की बेटियों के साथ होती है सरेराह छेड़छाड़ —

रागिनी की मौत के बाद ये बात सामने आई है कि बजहां गांव से कालेज और कोचिंग जाने वाले करीब 5 किलोमीटर के रास्ते पर आए दिन छात्राओ को शर्मसार होना पड़ता है। इन छात्राओं के सामने सबसे बड़ी समस्या अपनी पढ़ाई को जारी रखना है। अगर वे अपने साथ रोज होने वाली घटनाओं की शिकायत परिजनों से करेंगी तो उनकी पढ़ाई बन्द करवा दी जाएगी। रागिनी की हत्या के बाद इस बात की चर्चा बजहा गांव में आम है। जिन युवतियों ने रागिनी के दर्द को महसूस किया है, वे अब अपने साथ हुए अपराध को लेकर मुखर हो रहीं हैं।

रागिनी हमारे देश की बेटी थी, जो दर्द रागिनी के मां बाप महसूस कर रहे हैं, उसे महसूस करने की जरूरत है। इस घटना से हर मां बाप को सीख लेने की जरूरत है, क्योंकि हमारे समाज में जो बदलाव हो रहे हैं उसके लिए हमें अपनी सोच को बदलना ही पड़ेगा। आपके परिवार की सुरक्षा आपका दायित्व है। समाज आपके बारे में क्या सोचेगा, यह सोचकर अपने परिवार की सुरक्षा को खतरे में न डालें। आप जिस देश में रहते है उस देश का संविधान हर नागरिक को भयमुक्त माहौल देने के लिए कटिबद्ध है, और एक नागरिक के रूप में यह हम सब का अधिकार भी है।