राहुल ने किया ओखी तूफान से प्रभावित इलाकों का दौरा, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

तिरुवनंतपुरम कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को तूफान ‘ओखी’ से प्रभावित केरल के दो और तमिलनाडु के एक तटीय गांव का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान अलग मत्स्य मंत्रालय का गठन करने की भी मांग की। उन्होंने कहा, “किसानों के लिए अलग से मंत्रालय है लेकिन मत्स्य क्षेत्र की समस्याओं के निवारण के लिए कोई मंत्रालय नहीं है। मैं मत्स्य क्षेत्र की जरूरतों के लिए नए मंत्रालय का गठन होते देखना चाहता हूं।”

Rahul Did A Tour Of The Affected Areas With Oka Storm Assured Assurance Of Every Possible Help :

राहुल ने कहा कि , “हर किसी को अपनी गलतियों से सीखना चाहिए।” बात दें, राहुल गांधी गुरुवार को तूफान से प्रभावित तमिलनाडु व केरल के तटीय गांवों के एकदिवसीय दौरे पर हैं। पुनथूरा और विझिनजाम में बड़ी संख्या में स्थानीय मछुआरों ने राहुल को धर्यपूर्वक सुना। तूफान से इन दो गांवों में सबसे ज्यादा 30 मछुआरे मारे गए हैं। यहां 70 से अधिक मछुआरे अभी भी लापता हैं।

राहुल ने ग्रामीणों से कहा, “मुझे यहां पहले आना चाहिए था हालांकि जब यहां आपदा आई, मैं यहां उपस्थित नहीं था, लेकिन मेरी आत्मा यहीं थी।” राहुल ने दोनों जगहों पर मछुआरों से बातचीत की और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

तिरुवनंतपुरम कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को तूफान 'ओखी' से प्रभावित केरल के दो और तमिलनाडु के एक तटीय गांव का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान अलग मत्स्य मंत्रालय का गठन करने की भी मांग की। उन्होंने कहा, "किसानों के लिए अलग से मंत्रालय है लेकिन मत्स्य क्षेत्र की समस्याओं के निवारण के लिए कोई मंत्रालय नहीं है। मैं मत्स्य क्षेत्र की जरूरतों के लिए नए मंत्रालय का गठन होते देखना चाहता हूं।" राहुल ने कहा कि , "हर किसी को अपनी गलतियों से सीखना चाहिए।" बात दें, राहुल गांधी गुरुवार को तूफान से प्रभावित तमिलनाडु व केरल के तटीय गांवों के एकदिवसीय दौरे पर हैं। पुनथूरा और विझिनजाम में बड़ी संख्या में स्थानीय मछुआरों ने राहुल को धर्यपूर्वक सुना। तूफान से इन दो गांवों में सबसे ज्यादा 30 मछुआरे मारे गए हैं। यहां 70 से अधिक मछुआरे अभी भी लापता हैं। राहुल ने ग्रामीणों से कहा, "मुझे यहां पहले आना चाहिए था हालांकि जब यहां आपदा आई, मैं यहां उपस्थित नहीं था, लेकिन मेरी आत्मा यहीं थी।" राहुल ने दोनों जगहों पर मछुआरों से बातचीत की और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।