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मजदूरों के हमदर्द बने राहुल गांधी तो BJP को हुई जलन, वित्तमंत्री ने बताया ड्रामेबाज

Rahul Gandhi Became The Sympathizer Of The Laborers Jealous Of Bjp Finance Minister Said The Drama

नई दिल्ली। भारत में कोरोना महामारी का सबसे भयावह दौर चल रहा है, रोजाना हजारों की तादात में मरीज बढ़ते जा रहे हैं, आंकड़ा 90 हजार के पार पंहुच चुका है। आज से तीसरा लॉकडाउन समाप्त हो रहा है, बीते कुछ दिनो से लगातार प्रवासी मजदूरों को लेकर दर्दनाक खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि सरकार तमाम दावे कर रही है लेकिन मजदूर सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। ऐसे में कांग्रेस मजदूरों की मदद करने के लिए आगे आयी है लेकिन ये बात बीजेपी को कुछ हजम नही हो रही है।

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कल राहुल गांधी कुछ प्रवासी मजदूरों के पास गये थे और उनके साथ थोड़ा वक्त भी बिताया था, इसके बाद भाजपा की तरफ से सोशल मीडिया पर कई नेताओं ने बयानबाजी की थी। वहीं आज जब पीएम मोदी के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो उन्होने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ड्रामेबाज कहा है। बता दें कि विपक्ष लगातार ये आरोप लगा रहा है कि इस मुसीबत के समय में बीजेपी के ज्यादातर बड़े नेता अपने घरों पर बैठकर आराम फरमा रहे हैं। ऐसे में अगर विपक्ष के नेता मजदूरों की मदद करना चाहते हैं तो बीजेपी को ये बात हजम क्यों नही हो रही है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने मजदूरों के साथ बैठकर, उनसे बात करके उनका समय बर्बाद किया। उन्हें मजदूरों के साथ सामान उठाकर उनके साथ पैदल जाना चाहिए था। उन्हें मजदूरों के बच्चों को और उनके सामान को उठाकर उनके साथ चलना चाहिए था। राज्यों को जहां कांग्रेस की सरकार है उनसे क्यों नहीं कहते कि और ट्रेनें मंगाए और मजदूरों को घर लेकर आएं। सोनिया गांधी से कहती हूं कि पलायन कर रहे मजदूरों के मुद्दे को जिम्मेदारी से डील करना चाहिए।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासियों से जहां हैं, वहीं रहने की अपील की थी। साथ ही उनके खाने और रहने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया था। राज्य सरकारें सहयोग करने की कोशिश कर रही हैं। रेलवे ने प्रवासियों के लिए ट्रेनों को भेजने के लिए राज्य सरकार से कहा है। यह देखकर दुख होता है कि प्रवासी मजदूर पैदल अपने घर जा रहे हैं। इस पर राजनीति हो रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस से जुड़े मुद्दे आप ने उठाए हैं तो जवाब देना चाहूंगी। क्यों जहां पर कांग्रेस या उनकी सहयोगी दलों की सरकारें हैं वे रेलवे से ज्यादा ट्रेनें मांगवाकर प्रवासियों को घर नहीं पहुंचाती हैं। ऐसा न करके जब लोग पैदल जा रहे तो उनसे बात करने से बेहतर हैं कि उनका सामान उठा कर साथ चलते।

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सीतारमण ने कहा, “वो हमें ड्रामेबाज कहते हैं मैं उन्हीं के शब्दों को लेकर कहती हूं कि कल जो कुछ हुआ। सड़क पर मजदूरों को पकड़कर उनसे बात करना, यह इसका समय है क्या। वो ड्रामबाज नहीं है क्या। प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर हमें साथ बैठकर बात करना चाहिए। मैं सोनिया गांधी जी से हाथ जोड़कर मांग करती हूं कि हमसे बात करें और प्रवासी मजदूरों के प्रति जिम्मेदारी समझें।

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