झारखंड में राहुल गांधी का ऐलान, सरकार बनी तो माफ होगा किसानों का दो लाख तक का कर्ज

Rahul gandhi
झारखंड में राहुल गांधी का ऐलान, सरकार बनी तो माफ होगा किसानों का दो लाख तक का कर्ज

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को झारखंड में एक चुनावी रैली में केन्द्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को चंद पूंजीपतियों के लिए काम करने वाली सरकार बताते हुए कहा कि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आता है तो सबसे पहले किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। राहुल गांधी ने गठबंधन सहयोगी झामुमो के प्रत्याशी केतुबुद्दीन शेख के समर्थन में आयोजित जनसभा में यह बात कही।

Rahul Gandhi Declares In Jharkhand Farmers Will Be Forgiven If Government Is Formed Loan Up To Two Lakh :

राहुल गांधी ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार देश के सिर्फ चुनिंदा पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस-नीत गठबंधन की सरकार बनने पर आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन की रक्षा करने की बात भी कही।

झारखंड विधानसभा चुनावों में चौथे और पांचवें चरण के लिए आयोजित चुनावी रैली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया, केंद्र सरकार का लक्ष्य गरीबों का पैसा लेकर अंबानी और अडाणी की जेब में डालना है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज केन्द्र में जो सरकार काम कर रही है वह वास्तव पूंजीपतियों के हित में काम करने वाली सरकार है। वह झारखंड के आदिवासियों से जमीन छीनकर इन उद्योगपतियों को देने का काम कर रही है।

राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने टाटा से जमीन वापस लेकर आदिवासियों को लौटा दी। उन्होंने कहा कि ऐसा हमने इसलिए किया क्योंकि टाटा जैसी बड़ी कंपनी ने पांच वर्ष से अधिक समय से आदिवासियों की जमीन लेकर वहां उद्योग नहीं लगाया था। हमने कानून बनाया था कि जो भी उद्योगपति पांच वर्ष तक भी भूमि का उपयोग नहीं करेगा उससे जमीन वापस ले ली जायेगी और किसानों और आदिवासियों को लौटा दी जायेगी।

उन्होंने एक बार फिर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी कर दी और फिर जीएसटी लागू कर दी जिससे तमाम उद्योग बंद हो गये। छोटे व्यापारी और गरीब बर्बाद हो गये। लोगों के रोजगार छीन गए। गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,500 रुपया देने से मना कर दिया लेकिन उनकी सरकार ने ऐसा कर दिखाया। जबकि झारखंड में अभी भी किसानों को 1,300 रुपये प्रति क्विंटल ही धान का मूल्य मिल रहा है।

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को झारखंड में एक चुनावी रैली में केन्द्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को चंद पूंजीपतियों के लिए काम करने वाली सरकार बताते हुए कहा कि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आता है तो सबसे पहले किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। राहुल गांधी ने गठबंधन सहयोगी झामुमो के प्रत्याशी केतुबुद्दीन शेख के समर्थन में आयोजित जनसभा में यह बात कही। राहुल गांधी ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार देश के सिर्फ चुनिंदा पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस-नीत गठबंधन की सरकार बनने पर आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन की रक्षा करने की बात भी कही। झारखंड विधानसभा चुनावों में चौथे और पांचवें चरण के लिए आयोजित चुनावी रैली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया, केंद्र सरकार का लक्ष्य गरीबों का पैसा लेकर अंबानी और अडाणी की जेब में डालना है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज केन्द्र में जो सरकार काम कर रही है वह वास्तव पूंजीपतियों के हित में काम करने वाली सरकार है। वह झारखंड के आदिवासियों से जमीन छीनकर इन उद्योगपतियों को देने का काम कर रही है। राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने टाटा से जमीन वापस लेकर आदिवासियों को लौटा दी। उन्होंने कहा कि ऐसा हमने इसलिए किया क्योंकि टाटा जैसी बड़ी कंपनी ने पांच वर्ष से अधिक समय से आदिवासियों की जमीन लेकर वहां उद्योग नहीं लगाया था। हमने कानून बनाया था कि जो भी उद्योगपति पांच वर्ष तक भी भूमि का उपयोग नहीं करेगा उससे जमीन वापस ले ली जायेगी और किसानों और आदिवासियों को लौटा दी जायेगी। उन्होंने एक बार फिर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी कर दी और फिर जीएसटी लागू कर दी जिससे तमाम उद्योग बंद हो गये। छोटे व्यापारी और गरीब बर्बाद हो गये। लोगों के रोजगार छीन गए। गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,500 रुपया देने से मना कर दिया लेकिन उनकी सरकार ने ऐसा कर दिखाया। जबकि झारखंड में अभी भी किसानों को 1,300 रुपये प्रति क्विंटल ही धान का मूल्य मिल रहा है।