राहुल गांधी ने अमेरिका में तय किए 2019 के चुनावी मुद्दे

Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने अमेरिका में तय किए 2019 के चुनावी मुद्दे

नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। दो सप्ताह लंबे अपने इस दौरे पर राहुल गांधी अमेरिका के अलग अलग शहरो में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं और देश की वर्तमान सरकार की नीतियों पर हमला बोल रहे हैं। इस क्रम में बुधवार को अमेरिका की प्रिंसटन यूनीवर्सिटी के छात्रों से बातचीत कर रहे राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार रोजगार के अवसर पैदा करने में नाकाम रही है। इसके आगे उन्होंने कहा कि भारत की जनता में वर्तमान सरकार के खिलाफ एक गुस्से का माहौल तैयार हो रहा है। जिसकी मुख्य वजह अ​सहिष्णुता है। 2019 के आम चुनावों में कांग्रेस बेरोजगारी और अ​सहिष्णुता को मुद्दा बनाकर उतरेगी। इसके अलावा राहुल गांधी ने स्वयं के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में सामने आने की अपनी योजना का भी खुलासा कर दिया।

जिस तरह से राहुल गांधी अमेरिका में मोदी सरकार पर एक के बाद एक बयानी हमला कर रहे हैं उससे भाजपा भी बौखलाई हुई है। बुधवार को सामने आए राहुल गांधी के बयान का जवाब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दिया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार अपने तीन सालों के काम काज का हिसाब दे रही है, लेकिन राहुल गांधी तीन पीढ़ियों का हिसाब देना के बजाया अमेरिका में बैठकर चुनावी मुद्दे सेट करने में व्यस्त हैं।

{ यह भी पढ़ें:- चुनावी मूड में नजर आए पीएम मोदी, राहुल को जवाब देते हुए शाह पर दी सफाई }

जानिए क्या कहा राहुल गांधी ने —

राहुल गांधी ने भारत के राजनीतिक मुद्दे के रूप बेरोजगारी जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका की तरह भारत में भी बेरोजगारी का बड़ा मुद्दा है। अमेरिका की ट्रंप सरकार इस पर क्या कर रही इस विषय में तो वह कुछ नहीं कह सकते लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेरोजगारी के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

{ यह भी पढ़ें:- दिवाली के बाद राहुल गांधी को मिल सकता है प्रमोशन }

राहुल गांधी ने कहा कि भारत की आबादी का बड़ा हिस्सा बेरोजगारी का दर्द झेल रहा है। वहां प्रतिदिन 30 हजार युवा नौकरी के लिए बाजार में आता है, लेकिन केवल 450 को नौकरी मिल पाती है।

राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की नाकामी को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी सरकार भी इस समस्या का हल निकालने में नाकाम रही थी। नतीजतन लोगों का गुस्सा हमारे खिलाफ था। 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस समस्या का हल निकालने की बात कही थी, आज वह इस समस्या के मूल जड़ तक नहीं पहुंच पाए हैं। जिस वजह से बेरोजगारी के चलते उनकी सरकार के खिलाफ भी लोगों में गुस्सा पैदा हुआ है।

इससे आगे निकलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी बेरोजगारी जैसी समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए दूसरे मुद्दों की ओर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश में लगे हैं।

{ यह भी पढ़ें:- सीएम योगी ने राहुल गांधी को कहा 'भगोड़ा' }

राहुल गांधी ने आगे कहा कि उनकी सरकार बेरोजगारी के मुद्दे पर असफल रही थी यह बात स्वीकार करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वर्तमान सरकार यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है। इस समस्या का हल निकालना आसान काम नहीं है। इसके लिए सभी को मिलकर आगे आना होगा।

नए भारत की राजनीति पर राहुल ने रखा अपना पक्ष —

राहुल गांधी ने भारत की वर्तमान राजनीति की विसंगतियों पर अपना दृष्टिकोण सामने रखते हुए कहा कि भारत में सत्ता के विकेन्द्रीकरण की जरूरत है। अगर किसी गांव के लिए सड़क समस्या है तो स्थानीय स्तर पर उस समस्या के हल के लिए शक्तियां स्थानीय सरकार के पास होनी चाहिए, ना कि विधानसभा स्तर पर। संसद और विधान सभाओं को कानून बनाने का काम करना चाहिए। वह व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करेंगे कि कानून बनाने के नए तरीकों को अमल में लाया जा सके।

{ यह भी पढ़ें:- अमित शाह ने पहली बार किया बेटे का बचाव, बोले- भ्रष्टाचार का तो कोई सवाल ही नहीं उठता }