राहुल गांधी बोले- BJP और RSS के DNA में है आरक्षण खत्म करना, हम कभी नही होने देंगे

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राहुल गांधी बोले- BJP और RSS के DNA में है आरक्षण खत्म करना, हम कभी नही होने देंगे

नई दिल्ली। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नौ​करियों और प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार नही है। इसी के बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीेेजेपी और आरएसएस पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा है कि RSS और BJP के डीएनए में आरक्षण खत्म करना है लेकिन वह इसे कभी नहीं मिटने देंगे क्योंकि यह संविधान का हिस्सा है।

Rahul Gandhi Said Reservation Is In The Dna Of Bjp And Rss We Will Never Let It Happen :

शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने इस मामले में फैंसला सुनाते हुए इस बात का जिक्र किया था कि सरकारी नौकरियों में पदोन्नति के लिए कोटा और आरक्षण कोई मौलिक अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि राज्यों को कोटा प्रदान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है और राज्यों को सार्वजनिक सेवा में कुछ समुदायों के प्रतिनिधित्व में असंतुलन दिखाए बिना ऐसे प्रावधान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। यह फैसला उत्तराखंड सरकार के लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) पदों पर पदोन्नति में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्यों के लिए आरक्षण पर अपील के संबंध में था।

राहुल गांधी ने कहा, ‘RSS और BJP की जो विचारधारा है वो आरक्षण के खिलाफ है और वो किसी न किसी तरह आरक्षण को भारत के संविधान से निकालना चाहते हैं। कोशिश होती रहती है, यहां पर रविदास मंदिर तोड़ा क्योंकि ये चाहते हैं कि ये जो एससी-एसटी कम्युनिटी है, वो कभी आगे न बढ़े। आज जो कहा है कि आरक्षण अधिकार ही नहीं है, ये BJP की रणनीति है और ये आरक्षण को रद्द करने का इनका तरीका है। उत्तराखंड की सरकार ने कोर्ट में इसपर बहस की है। RSS और BJP वाले जितने भी सपने देख लें, आरक्षण को हम कभी नहीं मिटने देंगे क्योंकि आरक्षण संविधान का हिस्सा है।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘ये संविधान पर हमला हो रहा है, हर संस्था को तोड़ा जा रहा है। संसद में हमें बोलने नहीं देते हैं, ज्यूडिशरी पर दबाव डालते हैं। ये एक-एककर संस्थाओं को तोड़ रहे हैं और ये बहुत बड़ा फैसला लिया है इन्होंने। RSS और BJP के डीएनए में, आरक्षण इनको चुभता है और वो किसी न किसी तरह से इसको खत्म करना चाहते हैं। मैं हिंदुस्तान की जनता से कह रहा हूं, खासतौर से दलित, एससी-एसटी, ओबीसी समुदाय के लोगों से कह रहा हूं कि आरक्षण को हम कभी नहीं मिटने देंगे, चाहें मोदी जी सपना देखें, मोहन भागवत सपना देखें, हम उसको नहीं होने देंगे।’

नई दिल्ली। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नौ​करियों और प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार नही है। इसी के बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीेेजेपी और आरएसएस पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा है कि RSS और BJP के डीएनए में आरक्षण खत्म करना है लेकिन वह इसे कभी नहीं मिटने देंगे क्योंकि यह संविधान का हिस्सा है। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने इस मामले में फैंसला सुनाते हुए इस बात का जिक्र किया था कि सरकारी नौकरियों में पदोन्नति के लिए कोटा और आरक्षण कोई मौलिक अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि राज्यों को कोटा प्रदान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है और राज्यों को सार्वजनिक सेवा में कुछ समुदायों के प्रतिनिधित्व में असंतुलन दिखाए बिना ऐसे प्रावधान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। यह फैसला उत्तराखंड सरकार के लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) पदों पर पदोन्नति में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्यों के लिए आरक्षण पर अपील के संबंध में था। राहुल गांधी ने कहा, 'RSS और BJP की जो विचारधारा है वो आरक्षण के खिलाफ है और वो किसी न किसी तरह आरक्षण को भारत के संविधान से निकालना चाहते हैं। कोशिश होती रहती है, यहां पर रविदास मंदिर तोड़ा क्योंकि ये चाहते हैं कि ये जो एससी-एसटी कम्युनिटी है, वो कभी आगे न बढ़े। आज जो कहा है कि आरक्षण अधिकार ही नहीं है, ये BJP की रणनीति है और ये आरक्षण को रद्द करने का इनका तरीका है। उत्तराखंड की सरकार ने कोर्ट में इसपर बहस की है। RSS और BJP वाले जितने भी सपने देख लें, आरक्षण को हम कभी नहीं मिटने देंगे क्योंकि आरक्षण संविधान का हिस्सा है।' राहुल गांधी ने कहा, 'ये संविधान पर हमला हो रहा है, हर संस्था को तोड़ा जा रहा है। संसद में हमें बोलने नहीं देते हैं, ज्यूडिशरी पर दबाव डालते हैं। ये एक-एककर संस्थाओं को तोड़ रहे हैं और ये बहुत बड़ा फैसला लिया है इन्होंने। RSS और BJP के डीएनए में, आरक्षण इनको चुभता है और वो किसी न किसी तरह से इसको खत्म करना चाहते हैं। मैं हिंदुस्तान की जनता से कह रहा हूं, खासतौर से दलित, एससी-एसटी, ओबीसी समुदाय के लोगों से कह रहा हूं कि आरक्षण को हम कभी नहीं मिटने देंगे, चाहें मोदी जी सपना देखें, मोहन भागवत सपना देखें, हम उसको नहीं होने देंगे।'