रीवा सौर ऊर्जा परियोजना को लेकर पीएम मोदी पर राहुल गांधी ने साधा निशाना, कहा-असत्याग्रही

rahul gandhi
भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर राहुल गांधी ने एक फिर मोदी सरकार पर बोला हमला

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के रीवा में 750 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ किया था। पीएम मोदी ने इसको एशिया की सबसे बड़ी परियोजना बताई थी। वहीं, इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

Rahul Gandhi Shrugged Off Pm Modi Over Rewa Solar Power Project Says Disrespect :

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा है कि ‘असत्याग्रही!’ बता दें कि पीएम मोदी ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के रीवा में 750 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शुभारंभ करते हुए कहा था, ‘रीवा का यह सौर ऊर्जा संयंत्र इस पूरे क्षेत्र को इस दशक में ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगा।’

उन्होंने यह भी कहा था, ‘आज रीवा ने वाकई इतिहास रच दिया है। रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम से और सफेद बाघ से रही है। अब इसमें एशिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना का नाम भी जुड़ गया है।’ पीएम ने कहा था कि ये तमाम प्रोजेक्ट जब तैयार हो जाएंगे, तो मध्यप्रदेश निश्चित रूप से सस्ती और साफ-सुथरी बिजली का हब बन जाएगा।

इसका सबसे अधिक लाभ मध्यप्रदेश के गरीब, मध्यम वर्ग के परिवारों, किसानों, आदिवासियों को होगा। सौर ऊर्जा आज की ही नहीं, बल्कि 21वीं सदी की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा माध्यम होने वाला है। क्योंकि सौर ऊर्जा, श्योर है, प्योर है और सिक्योर है।

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के रीवा में 750 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ किया था। पीएम मोदी ने इसको एशिया की सबसे बड़ी परियोजना बताई थी। वहीं, इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा है कि 'असत्याग्रही!' बता दें कि पीएम मोदी ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के रीवा में 750 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शुभारंभ करते हुए कहा था, 'रीवा का यह सौर ऊर्जा संयंत्र इस पूरे क्षेत्र को इस दशक में ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगा।' उन्होंने यह भी कहा था, 'आज रीवा ने वाकई इतिहास रच दिया है। रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम से और सफेद बाघ से रही है। अब इसमें एशिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना का नाम भी जुड़ गया है।' पीएम ने कहा था कि ये तमाम प्रोजेक्ट जब तैयार हो जाएंगे, तो मध्यप्रदेश निश्चित रूप से सस्ती और साफ-सुथरी बिजली का हब बन जाएगा। इसका सबसे अधिक लाभ मध्यप्रदेश के गरीब, मध्यम वर्ग के परिवारों, किसानों, आदिवासियों को होगा। सौर ऊर्जा आज की ही नहीं, बल्कि 21वीं सदी की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा माध्यम होने वाला है। क्योंकि सौर ऊर्जा, श्योर है, प्योर है और सिक्योर है।