कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे राहुल गांधी, पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करने का मिला अधिकार

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कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे राहुल गांधी, पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करने का मिला अधिकार

नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की तीन घण्टे चली बैठक के बाद राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष रहने पर मुहर लग गई। उनके इस्तीफे को कांग्रेस कार्यसमिति ने खारिज कर दिया। इस दौरान कार्यसमिति के सदस्यों ने कहा कि राहुल गांधी की ऐसे समय पार्टी को जरूरत है। लिहाजा वह पार्टी अध्यक्ष के पद पर बने रहें। बैठक के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह जानकारी दी।

Rahul Gandhi Will Remain The Congress President The Right To Get Organizational Change In Party :

इस बैठक में यूपीए चीफ सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी, एके एंटनी, पी चिदंबरम, मीरा कुमार समेत कई दिग्गज नेता मौजूद थे। राहुल गांधी ने कहा कि वह अध्यक्ष पद पर नहीं रहना चाहते लेकिन पार्टी के लिए बतौर कार्यकर्ता काम करते रहेंगे। इसके साथ ही राहुल किसी अन्य को पार्टी का अध्यक्ष बनाना चाहते थे। हालांकि कार्यसमिति ने इसे खारिज कर दिया।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी को अब यह अधिकार दिया गया कि वह पार्टी में अपने मुताबिक जैसे चाहे संगठनात्मक बदलाव कर सकते हैं। कार्यसमिति ने देश के आगे मौजूदा समय में कई चुनौतियों पर संज्ञान लिया, जिसका हल नई सरकार को ढूंढना होगा। सुरजेवाला ने कहा, ईरान पर प्रतिबंध लगने के बाद तेल और बढ़ती महंगाई एक बड़ी समस्या है। बैंकिंग प्रणाली गंभीर स्थिति में है और एनपीए पिछले 5 वर्ष में बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे बैंकों की स्थिरता खतरे में है।

एनबीएफसी, जिनमें लोगों की मेहनत की कमाई जमा है, उनकी आर्थिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हैं। निजी निवेश की कमी और कंज्यूमर गुड्स की बिक्री में तेजी से आई गिरावट के कारण अर्थव्यवस्था में मंदी का संकट मंडरा रहा है। नौकरियों के संकट का कोई समाधान नहीं निकल रहा, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में है। इसके साथ ही कई राज्यों में सूखे की स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने उन राज्यों में तत्काल काम करने की मांग की है।

नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की तीन घण्टे चली बैठक के बाद राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष रहने पर मुहर लग गई। उनके इस्तीफे को कांग्रेस कार्यसमिति ने खारिज कर दिया। इस दौरान कार्यसमिति के सदस्यों ने कहा कि राहुल गांधी की ऐसे समय पार्टी को जरूरत है। लिहाजा वह पार्टी अध्यक्ष के पद पर बने रहें। बैठक के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह जानकारी दी। इस बैठक में यूपीए चीफ सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी, एके एंटनी, पी चिदंबरम, मीरा कुमार समेत कई दिग्गज नेता मौजूद थे। राहुल गांधी ने कहा कि वह अध्यक्ष पद पर नहीं रहना चाहते लेकिन पार्टी के लिए बतौर कार्यकर्ता काम करते रहेंगे। इसके साथ ही राहुल किसी अन्य को पार्टी का अध्यक्ष बनाना चाहते थे। हालांकि कार्यसमिति ने इसे खारिज कर दिया। रणदीप सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी को अब यह अधिकार दिया गया कि वह पार्टी में अपने मुताबिक जैसे चाहे संगठनात्मक बदलाव कर सकते हैं। कार्यसमिति ने देश के आगे मौजूदा समय में कई चुनौतियों पर संज्ञान लिया, जिसका हल नई सरकार को ढूंढना होगा। सुरजेवाला ने कहा, ईरान पर प्रतिबंध लगने के बाद तेल और बढ़ती महंगाई एक बड़ी समस्या है। बैंकिंग प्रणाली गंभीर स्थिति में है और एनपीए पिछले 5 वर्ष में बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे बैंकों की स्थिरता खतरे में है। एनबीएफसी, जिनमें लोगों की मेहनत की कमाई जमा है, उनकी आर्थिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हैं। निजी निवेश की कमी और कंज्यूमर गुड्स की बिक्री में तेजी से आई गिरावट के कारण अर्थव्यवस्था में मंदी का संकट मंडरा रहा है। नौकरियों के संकट का कोई समाधान नहीं निकल रहा, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में है। इसके साथ ही कई राज्यों में सूखे की स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने उन राज्यों में तत्काल काम करने की मांग की है।