अध्यक्ष पद छोड़ने का मन बना चुके हैं राहुल, मनाने में जुटे प्रियंका, गहलोत और सचिन

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अध्यक्ष पद छोड़ने का मन बना चुके हैं राहुल, मनाने में जुटे प्रियंका, गहलोत और सचिन

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं। इसके लिए उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को एक महीने का समय दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि राहुल गैर गांधी परिवार के किसी नेता को पार्टी का अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। इसको लेकर आज प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत और सचिन पायलट उन्हें समझाने में जुटे हुए हैं। पार्टी सूत्रो का कहना है कि इस फैसले को लेकर जल्द ही CWC की बैठक बुलाई जा सकती है।

Rahul Has Decided To Resign Priyanka Gehlot And Sachin Are Busy In Convincing :

दरअसल, राहुल को कहा गया है कि आप पार्टी में जो चाहे बदलाव करें, जैसे चाहे पार्टी चलाएं। जिसके बाद अब राहुल अपना मन बदलने का संकेत दे सकते हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि कार्यप्रणाली में कुछ शर्तों के साथ राहुल अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, प्रियंका गांधी की कई दौर की मीटिंग के बाद इस बात पर सहमति बनी है।

वहीं, मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के एक बड़े नेता से कहा है कि ‘आप एक महीना ले लीजिए, लेकिन मेरा विकल्प ढूंढ लीजिए। उन्होंने कहा है कि मैं पद छोड़ने के लिए मन बना चुका हूं। राहुल ने कहा है कि प्रियंका गांधी को इन सभी से दूर रखना चाहिए, किसी भी हालत में मेरी जगह अध्यक्ष नहीं बनेंगी।’

साथ ही राहुल गांधी ने कहा, “मैं लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व करने को तैयार हूं। उन्होंने कहा है कि किसी अन्य भूमिका में भी मैं काम कर सकता हूं, पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करता रहूंगा। लेकिन अध्यक्ष नहीं रहूंगा।” बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी(CWC) की बैठक में राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उसे नकार दिया था। हालांकि, उसके बाद राहुल अपने फैसले पर अड़े रहे और पार्टी नेताओं को खरी-खरी सुनाई।

लोकसभा चुनाव में मात्र 52 सीटों पर सिमटने वाली कांग्रेस पार्टी में इस्तीफों का दौर जारी है, कई प्रदेश अध्यक्ष अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। तो वहीं राहुल अपनी बात पर अड़े हुए हैं, यहां तक कि उन्होंने अभी तक अपने नवनिर्वाचित सांसदों से मुलाकात भी नहीं की है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी(CWC) की बैठक में जब राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की तो हर कोई हैरान था, लेकिन सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अहमद पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने इस पर विचार करने को कहा। राहुल तो लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफा देना चाहते थे, जिन्हें समझाया गया और ऐसा करने से रोका गया। प्रियंका खुद बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं। राहुल का फॉर्मूला है कि वह अध्यक्ष पद से हटें, कोई नया अध्यक्ष बनें। जो कि गांधी परिवार से अलग हो और राहुल खुद पार्टी के लिए काम करते रहें। नतीजों के बाद पंजाब, यूपी, असम, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं। इसके लिए उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को एक महीने का समय दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि राहुल गैर गांधी परिवार के किसी नेता को पार्टी का अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। इसको लेकर आज प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत और सचिन पायलट उन्हें समझाने में जुटे हुए हैं। पार्टी सूत्रो का कहना है कि इस फैसले को लेकर जल्द ही CWC की बैठक बुलाई जा सकती है। दरअसल, राहुल को कहा गया है कि आप पार्टी में जो चाहे बदलाव करें, जैसे चाहे पार्टी चलाएं। जिसके बाद अब राहुल अपना मन बदलने का संकेत दे सकते हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि कार्यप्रणाली में कुछ शर्तों के साथ राहुल अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, प्रियंका गांधी की कई दौर की मीटिंग के बाद इस बात पर सहमति बनी है। वहीं, मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के एक बड़े नेता से कहा है कि 'आप एक महीना ले लीजिए, लेकिन मेरा विकल्प ढूंढ लीजिए। उन्होंने कहा है कि मैं पद छोड़ने के लिए मन बना चुका हूं। राहुल ने कहा है कि प्रियंका गांधी को इन सभी से दूर रखना चाहिए, किसी भी हालत में मेरी जगह अध्यक्ष नहीं बनेंगी।' साथ ही राहुल गांधी ने कहा, "मैं लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व करने को तैयार हूं। उन्होंने कहा है कि किसी अन्य भूमिका में भी मैं काम कर सकता हूं, पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करता रहूंगा। लेकिन अध्यक्ष नहीं रहूंगा।" बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी(CWC) की बैठक में राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उसे नकार दिया था। हालांकि, उसके बाद राहुल अपने फैसले पर अड़े रहे और पार्टी नेताओं को खरी-खरी सुनाई। लोकसभा चुनाव में मात्र 52 सीटों पर सिमटने वाली कांग्रेस पार्टी में इस्तीफों का दौर जारी है, कई प्रदेश अध्यक्ष अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। तो वहीं राहुल अपनी बात पर अड़े हुए हैं, यहां तक कि उन्होंने अभी तक अपने नवनिर्वाचित सांसदों से मुलाकात भी नहीं की है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी(CWC) की बैठक में जब राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की तो हर कोई हैरान था, लेकिन सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अहमद पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने इस पर विचार करने को कहा। राहुल तो लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफा देना चाहते थे, जिन्हें समझाया गया और ऐसा करने से रोका गया। प्रियंका खुद बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं। राहुल का फॉर्मूला है कि वह अध्यक्ष पद से हटें, कोई नया अध्यक्ष बनें। जो कि गांधी परिवार से अलग हो और राहुल खुद पार्टी के लिए काम करते रहें। नतीजों के बाद पंजाब, यूपी, असम, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।