रेलवे का सुझाव: ट्रेन में खाना खराब मिलता है तो घर से लेकर आया करो

नयी दिल्ली। भारतीय रेल अपनी बदहाली के लिए हमेशा से बदनाम रहा है, बात चाहे समयानुसार ट्रेन की हो या फिर रेलवे द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की हो। अभी हाल के दिनों में CAG द्वारा एक रिपोर्ट पेश किया गया था जिसमे भारतीय रेलों में मिलने वाली खाना की गुणवत्ता को CAG ने उजागर किया है। जिसके बाद से देश भर में रेलवे व्यवस्था की आलोचना हो रही है। आलोचना बढ़ती देख रेवले ने सफाई ने के बजाय यात्रियों को घटिया सलाह दे डाला है।

दरअसल सूत्रों की माने तो रेलवे ने अस्थाई रूप से यात्रियों को सुझाव दिया है कि वो घर से ही खाना लेकर आएं। समस्या से गुजर रहे रेलवे के पास वर्तमान में इससे निपटने के लिए कोई पुख्ता समाधान नहीं है। गौरतलब है कि बीती 21 जुलाई (2017) को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने रेलवे द्वारा परोसे जाने वाले खाने को लेकर चौंका देने वाली रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि दूषित खाद्य पदार्थों, रिसाइकिल किया हुआ खाना और डब्बा बंद व बोतलबंद सामान का इस्तेमाल एक्सपाइरी डेट के बाद भी किया जाता है।

जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश में एक एक्सप्रेस ट्रेन में मिले खाने के अंदर छिपकली मिली थी। जिस युवक के खाने में छिपकली मिली वह पूर्वा एक्सप्रेस में सवार था। युवक ने बाद में इसकी शिकायत के साथ रेल मत्री सुरेश प्रभू को भी इस बारे में ट्वीट किया। इससे पहले कैग अपनी रिपोर्ट में रेलवे को बेकार बताकर कहकर साफ कर चुका है कि वहां मिलने वाला खाना खाने लायक नहीं है।

सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एकके मित्तल ने अब युवक की शिकायत का जवाब देते हुए कहा है कि ट्रेन में खाना अपने घर से ही लेकर आएं। हालांकि रेलवे ने इसपर सफाई देते हुए कहा कि अभी रेलवे की किचन में निर्माण कार्य चल रहा है जिसे पूरा होने में करीब एक साल लग सकता है। इसलिए यात्रियों को खाना घर से ही लेकर आना चाहिए।