खतौली रेल हादसा: प्रभू ने रेलवे बोर्ड सदस्य को हटाया, 4 इंजीनियर भी निलंबित

नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर के खतौली में शनिवार की शाम कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के डिरेल होने से हुए हादसे की जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। रेल मंत्रालय ने रेलवे बोर्ड के इंजीनियरिंग मेंबर एके मित्तल को हटा दिया है और दिल्ली जोन के डीआरएम को छुट्टी पर भेजा गया है। इसके साथ ही इस मामले में कार्रवाई करते हुए उत्तर रेलवे ने चीफ ट्रैक इंजीनियर समेंत उनके तीन अधीनस्थ इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।

बताया जा रहा है कि उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद हुई कार्रवाई को एक बड़ा और सख्त फैसला माना जा सकता है। जिसे लंबे समय के लिए एक मिसाल के रूप में देखा जाएगा। कहा जाता है कि अब तक रेलवे में होने वाले हादसों के लिए कार्रवाई के नाम पर ड्राइवरों और छोटे अधिकारियों पर गाज गिराई जाती थी, लेकिन इस बार रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने रेलवे इंजीनियरिंग बोर्ड के सदस्य को बर्खास्त करने से लेकर, दिल्ली मंडल के डीआरएम को छुट्टी पर भेजा गया है। वहीं उत्तर रेलवे ने कार्रवाई करते हुए चीफ ट्रैक इंजीनियर और उसके तीन जूनियर इंजीनियरों को निलंबित किया गया है।

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मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे की जांच में सामने आया है कि घटना स्थल पर रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम चल रहा था, लेकिन मौके पर सुरक्षा संबन्धित उपकरणों की कमी थी। इसके अलावा जांच अधिकारियों को यह भी पता चला है कि ट्रैक मेंटीनेंनस टीम और ट्रैफिक कंट्रोलर डिपार्टमेंट के बीच सामंजस्य नहीं था। इस वजह से ट्रेन के ड्राइवर को गाड़ी रोकने का सिंग्नल नहीं दिया गया।

ऐसी जानकारी भी सामने आई है कि हादसे की वजह रेलवे के मजदूरों द्वारा पटरी को काटा जाना था। पटरी के कुछ हिस्से को काट कर बीच में एक नए टुकड़े को लगाया जाना था। जिसके लिए पटरी काटी तो जा चुकी थी लेकिन नए टुकड़े को जोड़ा नहीं जा सका था। इसी दौरान उत्कल एक्सप्रेस आ गई और हादसा हो गया। हादसे को भांपते ही गैंग मैन मौके से भाग खड़े हुए। हादसे के समय ट्रेन की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे के करीब बताई जा रही थी।

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