रेलवे ने केन्द्रीय मंत्री के निजी सचिव के लिये जोड़ा अतिरिक्त कोच, भटकते रहे मुसाफिर

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय भले ही रेलवे की बदहाल व्यवस्था को दुरुस्त ना कर पाये, लेकिन सरकारी तंत्रों का दुरुपयोग बखूबी आता है। मोदी सरकार देश में वीआईपी कल्चर खत्म करने की बात करती है, वहीं उन्हीं के मंत्री के कारिंदे सरकारी सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाते हैं। मामला केन्द्रीय मानव संसाधन और विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के निजी सचिव विनय श्रीवास्तव से जुड़ा है। रेलवे ने बाकायदा उनके लिये ट्रेन में एक अतिरिक्त डब्बा ही लगा दिया।

दरअसल, शनिवार रात को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के निजी सचिव विनय श्रीवास्तव को लखनऊ से दिल्ली जाना था। विनय श्रीवास्तव भारतीय रेल के मैकेनिकल सेवा के अधिकारी हैं। फिलहाल वो डेपुटेशन पर प्रकाश जावड़ेकर के निजी सचिव हैं। उन्होने अपना वेटिंग टिकट कंफ़र्म करने के लिये आवेदन किया था, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद भी टिकट कंफर्म ना हो सका।

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शनिवार शाम 5:40 पर ट्रेन संख्या 14207 पद्मावत एक्सप्रेस का चार्ट तैयार हो गया। जिसके बाद विनय श्रीवास्तव ने रेलवे के आला अधिकारियों को फोन किया। शाम करीब 8:40 पर पद्मावत के लिए अतिरिक्त एसी डिब्बे की व्यवस्था की गई। इस डिब्बे को ट्रेन में लगाने के लिए ट्रेन के प्लेटफार्म को भी बदल दिया गया जिससे अतिरिक्त डिब्बा जोड़ा जा सके।

मुसाफिरों को हुई परेशानी

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इस फेरबदल के चलते मुसाफिरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन रात 10:15 पर लखनऊ स्टेशन पहुंची और रात के 10:35 पर वहां से रवाना हुई। ट्रेन का लखनऊ से रवाना होने का सही समय रात 9:40 है। यही नहीं रेलवे ने अपने रिकॉर्ड में समय के साथ छेड़छाड़ किया और ट्रेन को अपने रिकॉर्ड में रात 9:55 पर रवाना दिखा दिया।

डीआरएम कर रहे जांच की बात

मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद हड़कंप मच गया। रेलवे प्रशासन मामले की लीपापोती में जुट गया। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक, डीआरएम लखनऊ ने इस मामले के जांच के आदेश दिए हैं।

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