मणिपुर में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान

इंफाल| पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में बीते चार दिनों से मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश की वजह से फसलें नष्ट हुई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। शनिवार रात भारी बारिश होने के बाद रविवार को कुछ घंटे बारिश बंद रही। इस बीच मणिपुर सरकार द्वारा गठित कार्रवाई समिति अभी तक अपना काम करने में असफल रही है।



किसान मानसून पूर्व बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में ओलावृष्टि से बड़े पैमाने पर गोभी, हरी पत्तेदार सब्जियों और दूसरी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मणिपुर के एस. थानिल ने कहा कि हर साल वह अपने खेत से गोभी बेचकर काफी आमदनी कमाते थे। हर गोभी तीन किलो से ज्यादा वजन की होती थी। लेकिन इस बार उन्हें घाटा होगा। थानिल ने कहा, “बाजार के लिए तैयार सभी गोभियां ओले से नष्ट हो गई हैं। कोई मेरे खेत की सड़ी गोभियों को नहीं खरीदेगा।”




दूसरी सब्जियों को भी लगातार बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा है। इसमें आलू उगाने वाले किसान बुरी तरह प्रभावित हैं। जब यहां कोई नाकाबंदी या भूस्खलन नहीं रहता तो असम या मेघालय से लाया गया एक किलो आलू मणिपुर में 30 रुपया किलो बिकता है। बाजारों में स्थानीय आलू के आने से इसकी कीमतों में कमी आ गई है। हालांकि, घाटी के जिलों में पानी लगने से बड़े क्षेत्र में आलू की फसल डूबी हुई है। इसी तरह की समस्या का सामना मिजोरम के कुम्हड़ा और मेघालय के अदरक की खेती करने वाले किसानों को भी करना पड़ा रहा है।

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