आईएएस ओपी चौधरी ने दिया इस्तीफा, बीजेपी के टिकट पर लड़ सकते है विधानसभा चुनाव

आईएएस ओपी चौधरी ने दिया इस्तीफा, बीजेपी के टिकट पर लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
आईएएस ओपी चौधरी ने दिया इस्तीफा, बीजेपी के टिकट पर लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवा आईएएस व रायपुर के कलेक्टर ओम प्रकाश चौधरी ने महज 13 वर्ष की सर्विस के बाद इस्तीफा दे दिया है। ओपी चौधरी का इस्तीफा शनिवार को केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने मंजूर कर लिया है। प्रधानमंत्री सचिवालय मंत्री जितेंद्र सिंह की सहमति के बाद कार्मिक मंत्रालय ने इस्तीफा मंजूर होने की जानकारी सुबह राज्य शासन को भेज दी।

Raipur Collector Ias Op Chaudhary Resigns Speculations About Joining Bjp :

दरअसल छत्तीसगढ़ में कई दिनों से रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी के बीजेपी के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही थी। अब उनके इस्तीफा देने से इन चर्चाओं को भी बल मिला है कि शायद ओपी चौधरी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि चुनाव लड़ने की खबरों पर ओपी चौधरी ने अब तक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

इस बीच अधिकारी के चुनाव लड़ने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कलेक्टर को बीजेपी का एजेंट करार दिया है। उधर बीजेपी ने भी कलेक्टर के चुनाव लड़ने की चर्चा से इंकार नहीं किया है। चौधरी कहां से चुनाव लड़ेंगे और कब वो बीजेपी जॉइन करेंगे इसको लेकर अभी कुछ साफ नहीं है। अभी तक कलेक्टर चौधरी ने बीजेपी जॉइन नहीं की है लेकिन चर्चा है कि वो जल्द ही बीजेपी में जाने वाले हैं। इस खबर के कारण राजनीति तेज हो गई है।

रायपुर में ओपी चौधरी हैं काफी लोकप्रिय

रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी अपने कामों की वजह से छत्तीसगढ़ में लोकप्रिय हैं। दंतेवाड़ा का एजुकेशन सिटी हो या रायपुर में गरीब बच्चों के महंगे स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत दाखिला दिलवाने की बात हो, कलेक्टर चौधरी छत्तीसगढ़ में यूथ आइकॉन के नाम से जाने जाते हैं। उनका सहज सरल व्यवहार भी लोगों से उन्हें जोड़ता है। ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ के ही रहने वाले हैं।

सीएम रमन के बेहद करीबी

चौधरी उन चुनिंदा अफसरों में शामिल हैं, जो मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की गुडबुक में शामिल हैं। सीएम सार्वजनिक मंचों से भी चौधरी की सराहना करते रहते हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवा आईएएस व रायपुर के कलेक्टर ओम प्रकाश चौधरी ने महज 13 वर्ष की सर्विस के बाद इस्तीफा दे दिया है। ओपी चौधरी का इस्तीफा शनिवार को केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने मंजूर कर लिया है। प्रधानमंत्री सचिवालय मंत्री जितेंद्र सिंह की सहमति के बाद कार्मिक मंत्रालय ने इस्तीफा मंजूर होने की जानकारी सुबह राज्य शासन को भेज दी।दरअसल छत्तीसगढ़ में कई दिनों से रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी के बीजेपी के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही थी। अब उनके इस्तीफा देने से इन चर्चाओं को भी बल मिला है कि शायद ओपी चौधरी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि चुनाव लड़ने की खबरों पर ओपी चौधरी ने अब तक प्रतिक्रिया नहीं दी है।इस बीच अधिकारी के चुनाव लड़ने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कलेक्टर को बीजेपी का एजेंट करार दिया है। उधर बीजेपी ने भी कलेक्टर के चुनाव लड़ने की चर्चा से इंकार नहीं किया है। चौधरी कहां से चुनाव लड़ेंगे और कब वो बीजेपी जॉइन करेंगे इसको लेकर अभी कुछ साफ नहीं है। अभी तक कलेक्टर चौधरी ने बीजेपी जॉइन नहीं की है लेकिन चर्चा है कि वो जल्द ही बीजेपी में जाने वाले हैं। इस खबर के कारण राजनीति तेज हो गई है।

रायपुर में ओपी चौधरी हैं काफी लोकप्रिय

रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी अपने कामों की वजह से छत्तीसगढ़ में लोकप्रिय हैं। दंतेवाड़ा का एजुकेशन सिटी हो या रायपुर में गरीब बच्चों के महंगे स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत दाखिला दिलवाने की बात हो, कलेक्टर चौधरी छत्तीसगढ़ में यूथ आइकॉन के नाम से जाने जाते हैं। उनका सहज सरल व्यवहार भी लोगों से उन्हें जोड़ता है। ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ के ही रहने वाले हैं।

सीएम रमन के बेहद करीबी

चौधरी उन चुनिंदा अफसरों में शामिल हैं, जो मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की गुडबुक में शामिल हैं। सीएम सार्वजनिक मंचों से भी चौधरी की सराहना करते रहते हैं।