राजस्थान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में पेश किया बजट

Ashok Gahlaut
राजस्थान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में पेश किया बजट

नई दिल्ली। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राज्य का बजट विधानसभा में पेश किया। सीएम गहलोत ने बजट पेश करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाएगी, हर जिले में प्रयोगशाला स्थापित होगी और फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने ऐलान किया कि सरकार सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को ‘नो बैग डे’ घोषित करेगी। जिससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के पढ़ाई का बोझ कम किया जा सके। बजट में कृषि के लिए 3420 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है।

Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot Presented The Budget In The Assembly :

उन्होंने कहा कि राजस्थान का बजट निरोगी राजस्थान, संपन्न किसान, महिला बाल व वृद्ध कल्याण, सक्षम मजदूर सहित सात संकल्पों पर आधारित है। इस बजट में हमने कोशिश की है कि विकास की राह बाधित न हो। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जोधपुर, अजमेर, अलवर, बूंदी, बीकानेर, भरतपुर, बाड़मेर, चूरू, भरतपुर, धौलपुर, जैसलमेर, सिरोही और उदयपुर के 22 स्मारकों का पुनरुद्धार कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के आर्काइव्स के दस्तावेजों को ऑनलाइन कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 100 करोड़ की घोषणा की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 14 हजार करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही धौलपुर और करौली में 30 करोड़ की लागत से टाउन हॉल और जोधपुर शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए बड़ा और आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा।

सीएम ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में ले जाने पर अस्पताल को इलाज करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अस्पताल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जरूरत पड़ी तो कानूनी प्रावधान भी किए जाएंगे। सीएम गहलौत ने कहा कि राज्य सरकार पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। केंद्र सरकार के जल जीवन योजना में राज्य सरकार की 50 फीसदी हिस्सेदारी है। केंद्र से इस योजना में 90 फीसदी मदद की मांग की गई है।

सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो बैग डे घोषित किया जाएगा। इससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के पढ़ाई के बोझ से कुछ हद तक मुक्ति मिलेगी। इस दिन स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी। सिर्फ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां ही होंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का विकास करना हमारी प्राथमिकता है।

नई दिल्ली। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राज्य का बजट विधानसभा में पेश किया। सीएम गहलोत ने बजट पेश करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाएगी, हर जिले में प्रयोगशाला स्थापित होगी और फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने ऐलान किया कि सरकार सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को 'नो बैग डे' घोषित करेगी। जिससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के पढ़ाई का बोझ कम किया जा सके। बजट में कृषि के लिए 3420 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान का बजट निरोगी राजस्थान, संपन्न किसान, महिला बाल व वृद्ध कल्याण, सक्षम मजदूर सहित सात संकल्पों पर आधारित है। इस बजट में हमने कोशिश की है कि विकास की राह बाधित न हो। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जोधपुर, अजमेर, अलवर, बूंदी, बीकानेर, भरतपुर, बाड़मेर, चूरू, भरतपुर, धौलपुर, जैसलमेर, सिरोही और उदयपुर के 22 स्मारकों का पुनरुद्धार कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के आर्काइव्स के दस्तावेजों को ऑनलाइन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 100 करोड़ की घोषणा की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 14 हजार करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही धौलपुर और करौली में 30 करोड़ की लागत से टाउन हॉल और जोधपुर शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए बड़ा और आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। सीएम ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में ले जाने पर अस्पताल को इलाज करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अस्पताल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जरूरत पड़ी तो कानूनी प्रावधान भी किए जाएंगे। सीएम गहलौत ने कहा कि राज्य सरकार पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। केंद्र सरकार के जल जीवन योजना में राज्य सरकार की 50 फीसदी हिस्सेदारी है। केंद्र से इस योजना में 90 फीसदी मदद की मांग की गई है। सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो बैग डे घोषित किया जाएगा। इससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के पढ़ाई के बोझ से कुछ हद तक मुक्ति मिलेगी। इस दिन स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी। सिर्फ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां ही होंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का विकास करना हमारी प्राथमिकता है।