राजस्थान सियासत: नरम पड़े सचिन पायलट के तेवर, राहुल गांधी से मिलने के लिए मांगा समय !

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राजस्थान सियासत: नरम पड़े सचिन पायलट के तेवर, राहुल गांधी से मिलने के लिए मांगा समय!

जयपुर। राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यह खबर सचिन पायलट से जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि सचिन पायलट के तेवर नरम पड़ने लगे हैं। इसके बाद उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधा है। सूत्रों की माने तो उन्होंने राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा है।

Rajasthan Politics Softened By Sachin Pilot Sought Time To Meet Rahul Gandhi :

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सचिन पायलट ने राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा है। सूत्रों की माने तो पायलट लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और के.सी. वेणुगोपाल से बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान, पायलट का रुख पहले के मुकाबले काफी नरम है।

हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि क्या राहुल गांधी सचिन पायलट से मिलने के लिए राजी हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जिस तरह के दोनों नेताओं के संबंध हैं, जल्द ही हो सकता हो सबकुछ ठीक हो जाए।

गौरतलब है कि, राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं। सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट का गुट एक दूसरे के खिलाफ बगावत कर रहे हैं। ऐसे में अगर पायलट के तेवर नरम होते हैं तो कांग्रेस के लिए यह एक अच्छी खबर है।

जयपुर। राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यह खबर सचिन पायलट से जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि सचिन पायलट के तेवर नरम पड़ने लगे हैं। इसके बाद उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधा है। सूत्रों की माने तो उन्होंने राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सचिन पायलट ने राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा है। सूत्रों की माने तो पायलट लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और के.सी. वेणुगोपाल से बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान, पायलट का रुख पहले के मुकाबले काफी नरम है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि क्या राहुल गांधी सचिन पायलट से मिलने के लिए राजी हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जिस तरह के दोनों नेताओं के संबंध हैं, जल्द ही हो सकता हो सबकुछ ठीक हो जाए। गौरतलब है कि, राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं। सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट का गुट एक दूसरे के खिलाफ बगावत कर रहे हैं। ऐसे में अगर पायलट के तेवर नरम होते हैं तो कांग्रेस के लिए यह एक अच्छी खबर है।