बलात्कार के आरोपी फलाहारी महाराज पुलिस हिरासत में, बोले- ‘नपुंसक हूं मैं’

जयपुर। बलात्कार के आरोपों में जेल की हवा खा रहे गुरमीत राम-रहीम के बाद एक और ‘बलात्कारी बाबा’ बेनकाब हुआ है। इनका नाम है जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज। पुलिस ने बाबा फलाहारी को हिरासत में ले लिया है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की एक लड़की ने बाबा फलाहारी के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया था। इस मामले की भनक लगते ही बाबा प्राईवेट अस्पताल में भर्ती हो गया। पुलिस ने बाबा फलाहारी को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया है। वहीं बाबा ने अपने बयान में कहा है कि सभी आरोप गलत हैं। उन्होने खुद को नपुंसक बता डाला।

बाबा फलाहारी का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि बाबा अब बिल्कुल ठीक है और हम प्रशासन व उनके अनुयायियों को कह चुके है कि इन्हे डिस्चार्ज करा लें। लेकिन अब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेते हुए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। पुलिस की पूछताछ में बाबा ने कहा, जब मैं नपुंसक हूं तो गलत काम कर ही नहीं सकता। बाबा फलाहारी का दावा है कि तीन माह पूर्व गलत जड़ी-बूटी के सेवन से वो नपुंसक हो गया, इसका असर छह माह तक रहता है ।

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बाबा के इस बयान के बाद पुलिस अब बाबा का पोटेंसी टेस्ट कराने पर विचार कर रही है। इस टेस्ट से ही साबित हो सकेगा कि बाबा नपुंसक है या नहीं।

ये है पूरा मामला-

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बिलासपुर की रहने वाली 21 साल की एक युवती ने बीते 11 सितम्बर को महिला पुलिस थाने में अलवर के अरावली विहार स्थित मधु सुदन आश्रम के कौशलेन्द्र प्रपान्नाचार्य उर्फ फलहारी बाबा के खिलाफ यौन शौषण के प्रयासों का मामला दर्ज कराया था। साक्ष्य के रूप में उसने अपने कपड़े भी दिये थे। अरावली विहार पुलिस थाना अधिकारी शीशराम मीणा ने बताया कि बिलासपुर पुलिस ने मामला अलवर पुलिस को स्थानानंतरित कर दिया। युवती ने पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा है कि उसके माता-पिता पिछले 20-25 सालों से बाबा के भक्त हैं।