DDCA में मचा कोहराम, रजत शर्मा के इस्तीफे के बाद CEO और CAC ने भी पद छोड़ा

rajat sharma
DDCA में मचा कोहराम, रजत शर्मा के इस्तीफे के बाद CEO और CAC ने भी पद छोड़ा

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने शनिवार को दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया, डीडीसीए (DDCA) में कोहराम मच गया। उनके इस्तीफे के कुछ देर बाद ही सुनील वाल्‍सन, सीईओ रविकांत चोपड़ा, सीएफओ प्रेम वैश और यशपाल शर्मा ने भी अपना पद छोड़ ‌दिया है। दरअसल शनिवार सुबह रजत शर्मा ने यह‌ कहते हुए अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया था कि वह किसी भी कीमत पर अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं करेंगे।

Rajat Sharma Resigns As Ddca President Ceo And Cac Also Put In Papers :

दरअसल, शनिवार सुबह रजत शर्मा ने यह कहते हुए अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया था कि वह किसी भी कीमत पर अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं करेंगे। मालूम हो कि पत्रकार रजत शर्मा को पिछले साल जुलाई 2018 में डीडीसीए का अध्यक्ष चुना गया था। इस रेस में रजत शर्मा ने पूर्व क्रिकेटर मदनलाल को पीछे छोड़ा था।

बता दें कि डीडीसीए के बाकी निदेशकों ने प्रस्ताव पास करके उनकी शक्तियां छीन ली थीं। ऐसे में उनका काम ज्यादा रह नहीं गया था। इसी बात को ध्यान में रहकर शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। रजत शर्मा के इस्तीफे की जानकारी डीडीसीए के ट्विटर अकाउंट से दी गई है।

डीडीसीए ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ‘रजत शर्मा ने डीडीसीए के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे को एपेक्स काउंसिल को भेज दिया गया है।’

वहीं, शर्मा ने ट्वीट कर लिखा, ‘प्रिय सदस्यों ,जबसे आपने मुझे DDCA का अध्यक्ष चुना है मैं समय समय पर आपको अपने काम के बारे में जानकारी देता रहा हूं। मैंने DDCA को बेहतर बनाने के लिए, प्रोफेशनल और पारदर्शी बनाने के लिए जो कदम उठाये उसके बारे में आपको बताया। आपसे किए गए वादों के पूरा होने की जानकारी दी।’

गौरतलब है कि कि रजत शर्मा ने डीडीसीए अध्यक्ष रहते दिल्ली के ऐतिहासिक स्टेडियम फिरोजशाह कोटला का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी भी मिली थी और नाम बदला गया था।

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने शनिवार को दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया, डीडीसीए (DDCA) में कोहराम मच गया। उनके इस्तीफे के कुछ देर बाद ही सुनील वाल्‍सन, सीईओ रविकांत चोपड़ा, सीएफओ प्रेम वैश और यशपाल शर्मा ने भी अपना पद छोड़ ‌दिया है। दरअसल शनिवार सुबह रजत शर्मा ने यह‌ कहते हुए अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया था कि वह किसी भी कीमत पर अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं करेंगे। दरअसल, शनिवार सुबह रजत शर्मा ने यह कहते हुए अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया था कि वह किसी भी कीमत पर अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं करेंगे। मालूम हो कि पत्रकार रजत शर्मा को पिछले साल जुलाई 2018 में डीडीसीए का अध्यक्ष चुना गया था। इस रेस में रजत शर्मा ने पूर्व क्रिकेटर मदनलाल को पीछे छोड़ा था। बता दें कि डीडीसीए के बाकी निदेशकों ने प्रस्ताव पास करके उनकी शक्तियां छीन ली थीं। ऐसे में उनका काम ज्यादा रह नहीं गया था। इसी बात को ध्यान में रहकर शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। रजत शर्मा के इस्तीफे की जानकारी डीडीसीए के ट्विटर अकाउंट से दी गई है। डीडीसीए ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'रजत शर्मा ने डीडीसीए के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे को एपेक्स काउंसिल को भेज दिया गया है।' वहीं, शर्मा ने ट्वीट कर लिखा, 'प्रिय सदस्यों ,जबसे आपने मुझे DDCA का अध्यक्ष चुना है मैं समय समय पर आपको अपने काम के बारे में जानकारी देता रहा हूं। मैंने DDCA को बेहतर बनाने के लिए, प्रोफेशनल और पारदर्शी बनाने के लिए जो कदम उठाये उसके बारे में आपको बताया। आपसे किए गए वादों के पूरा होने की जानकारी दी।' गौरतलब है कि कि रजत शर्मा ने डीडीसीए अध्यक्ष रहते दिल्ली के ऐतिहासिक स्टेडियम फिरोजशाह कोटला का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी भी मिली थी और नाम बदला गया था।