गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर भड़के रजनीकांत, कहा पूरे देश में एक भाषा संभव नहीं

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रजनीकांत गृहमंत्री अमित शाह के बयान के भड़के, कहा पूरे देश में एक भाषा संभव नहीं

नई दिल्ली। फिल्मी दुनिया में अपने अभिनय से लोहा मनवाने वाले दक्षिण भारत के जाने माने अभिनेता रजनीकांत गृहमंत्री अमित शाह के हिन्दी को लेकर दिए गए बयान को आंड़े हाथों लिया है। उन्होने कहा कि पूरे भारत में एक ही भाषा की संकल्पना संभव नहीं है और हिंदी को थोपे जाने की हर कोशिश का केवल दक्षिणी राज्य ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत में भी कई लोग विरोध करेंगे।

Rajinikanth Took A Dig At Home Minister Amit Shah Saying A Language Is Not Possible In The Whole Country :

बता दें कि हिंदी दिवस के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिंदी को पूरे भारत की आम भाषा बनाने की बात कही थी, जिसके बाद रजनीकांत ने ये बयान दिया है। उन्होंने कहा था कि हिंदी भारत को एकजुट कर सकती है। इसके बाद के इसपर कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं थीं।

अमित शाह के बयान पर नाराजगी जताते हुए रजनीकांत ने कहा कि हिंदी को थोपा नहीं जाना चाहिए क्योंकि पूरे देश में एक ही भाषा की संकल्पना दुर्भाग्यपूर्ण रूप से लागू नहीं की जा सकती। वो एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात कर रहे थे, जहां उन्होने कहा कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि किसी भी देश के लिए एक आम भाषा होना उसकी एकता एवं प्रगति के लिए अच्छा होता है। दुर्भाग्यवश, हमारे देश में एक आम भाषा नहीं हो सकती, इसलिए आप कोई भाषा थोप नहीं सकते।

नई दिल्ली। फिल्मी दुनिया में अपने अभिनय से लोहा मनवाने वाले दक्षिण भारत के जाने माने अभिनेता रजनीकांत गृहमंत्री अमित शाह के हिन्दी को लेकर दिए गए बयान को आंड़े हाथों लिया है। उन्होने कहा कि पूरे भारत में एक ही भाषा की संकल्पना संभव नहीं है और हिंदी को थोपे जाने की हर कोशिश का केवल दक्षिणी राज्य ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत में भी कई लोग विरोध करेंगे। बता दें कि हिंदी दिवस के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिंदी को पूरे भारत की आम भाषा बनाने की बात कही थी, जिसके बाद रजनीकांत ने ये बयान दिया है। उन्होंने कहा था कि हिंदी भारत को एकजुट कर सकती है। इसके बाद के इसपर कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं थीं। अमित शाह के बयान पर नाराजगी जताते हुए रजनीकांत ने कहा कि हिंदी को थोपा नहीं जाना चाहिए क्योंकि पूरे देश में एक ही भाषा की संकल्पना दुर्भाग्यपूर्ण रूप से लागू नहीं की जा सकती। वो एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात कर रहे थे, जहां उन्होने कहा कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि किसी भी देश के लिए एक आम भाषा होना उसकी एकता एवं प्रगति के लिए अच्छा होता है। दुर्भाग्यवश, हमारे देश में एक आम भाषा नहीं हो सकती, इसलिए आप कोई भाषा थोप नहीं सकते।