राजीव गांधी जयंती: सांसद राहुल गांधी जी ‘एक नजर’ इधर भी, अमेठी से विशेष

अमेठी। अक्सर लोग पूछते हैं कि देश की राजनीति में मुख्य ‘अखाड़ा’ और अनेको राजनीतिक खिलाड़ी देने वाला जनपद अमेठी से कोई क्रिकेट खिलाड़ी इंडियन टीम में क्यों नहीं गया? लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि अमेठी में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच क्यों नहीं खेले जाते, इन सवालों के जवाब आपको जनपद के कई स्टेडियम की हालत देखकर मिल जाएंगे। यहां पर बने कई स्टेडियम आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे है।

नेहरू-गाँधी के गढ़ अमेठी के मुसाफिरखाना में बना ‘राजीव गांधी’ स्टेडियम का हाल बहुत बदहाल है। स्टेडियम की गंदगी और सुविधाओं का अभाव पहले ही कस्बा एवं ग्रामीण इलाकों के प्रतिभावान खिलाडियों का मुंह चिढ़ाता रहा है। उस पर प्रशासन का भ्रष्टाचार सिस्टम में दंश की तरह काम कर रहा है। 22 मई 1984 को अमेठी से सांसद रहे राजीव गांधी ने खेल स्टेडियम मुसाफिरखाना का शिलान्यास किया था। उसी समय लंबे चौड़े स्टेडियम की बाउंड्री वाल से घेरा गया। खिलाड़ियों के लिए खिलाड़ी कक्ष तथा दर्शकों के लिए दर्शकदीर्घा, सीढ़ियों का निर्माण हुआ।

{ यह भी पढ़ें:- जनेऊधारी पंडित राहुल गांधी के वायरल पोस्टर अमेठी में बने चर्चा का विषय  }

वीरान हवेली से कैसे निकले वीर-

अतीत साक्षी है कि इसी स्टेडियम की सरजमीं पर से निखर कर उठे धावक बाबादीन तथा कबड्डी के खिलाड़ी बृजलाल यादव ने राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिता में अपना जौहर दिखाया था। स्टेडियम की बदहाली के कारण आज युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का जौहर नहीं दिखा पा रहे। अमेठी के अतीत में कभी रहनुमा रहे स्व राजीव गांधी द्वारा खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए खोले गए खेल स्टेडियम बदहाल हैं।

{ यह भी पढ़ें:- महकमा मेहरबान तो सरकारी भवन बना प्राइवेट 'गोदाम' }

सुविधाओं की अनदेखी, खेल सामग्री प्रशिक्षकों का अभाव होने से खिलाड़ियों को अन्य जिलों की ओर रुख करना पड़ रहा है। जिले के मुसफिरखाना गौरीगंज,अमेठी सहित आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर खेल स्टेडियम हैं तो जरूर पर अब वे खेलने लायक नहीं बचे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने प्रश्न यह है कि सुविधाओं के अभाव में दूसरे जिले जाए बिना कैसे मेडल लाएं।

निगरानी करने वाला कोई नहीं, पशुओं ने किया कब्जा-

{ यह भी पढ़ें:- छात्राओं को अक्सर छेड़ता था मनचला, परिजनों ने धुनाई के बाद पुलिस को सौंपा }

मुसाफिरखाना में बने इस स्टेडियम की हालत बदतर हो गई है। बारिश के दिनों में स्टेडियम के ग्राउंड में जलभराव हो जाता है। दर्शकों के लिए बनी दीर्घा की फर्श उखड़ चुकी है। निगरानी के अभाव में यहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं और पशुओं ने कब्जा जमा रखा है। क्रिकेट,बास्केटबॉल वालीबॉल ग्रांउड अब खेलने लायक नहीं बचे हैं। स्टेडियम में बना मेन गेट टूट गया हैं।

अब नही होता खेलों का आयोजन-

लगभग तीन दशक से स्टेडियम में खेलों का आयोजन नहीं हो सका है। टूट-टूट कर गिर रही बाउंड्री वाल अपनी पहचान खो रही है। दर्शक दीर्घा कक्ष व सीढियों का जीर्णोद्धार भी नहीं हो सका है। मैदान में खिलाड़ी की जगह मवेशी नजर आते हैं। लगभग 30 वर्ष पूर्व एएच इंटर कालेज के प्रधानाचार्य विदुर जी मिश्र की देखरेख में स्टेडियम में मंडल स्तर के खेलों का आयोजन किया गया था लेकिन अब वही स्टेडियम क्षेत्रीय स्तर के खेलों तक का आयोजन करने में नाकाम है।

{ यह भी पढ़ें:- जमीनी रंजिश में खूनी तांडव, फायरिंग से आधा दर्जन घायल, दो की हालत नाजुक }

इस मामले को लेकर जब कांग्रेसी नेता पूर्व मंत्री एवं सांसद राज करन सिंह से बात की गयी तो उन्होंने कहा, ‘ये बात सही है कि राजीव गांधी स्टेडियम आज बदहाली की स्थिति में है जिससे स्थानीय खेल प्रतिभाओ को कोई लाभ नही मिल पा रहा है इस पर जल्द ही ध्यान देना होगा।’

वही जब खेल शिक्षक राज किशोर सिंह से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि स्टेडियम जर्जर होने के कारण आज कोई भी खेल प्रतियोगिताए यहां नही हो पाती, खिलाडी गली मोहल्लो में खेलने को मजबूर हैं।

 

रिपोर्ट-राम मिश्रा

{ यह भी पढ़ें:- निजी अस्पतालों को लगे 'रोग' का जड़ से हो 'इलाज' }

Loading...