नोटबंदी के बाद धंधा हुआ चौपट, दिल्ली से लखनऊ का सफर तय करने रिक्शे से चल पड़ा राजकुमार

Rajkumar Driving Rickshaw Run Delhi To Lucknow

नई दिल्ली। 500 और 1000 की नोटबंदी के बाद से कालाधन कितना बाहर आएगा, सेंसेक्स कितना घटेगा-बढेगा इस सब बातों से परे राजकुमार का धंधा चौपट हो गया और उसकी दिल्ली जरूर छूट गयी। लखनऊ से कमाई के लिए दिल्ली जाने वाले राजकुमार को नोटबंदी के फैसले के बाद से खाने के लाले पड़ गए। राजकुमार की हिम्मत तो तब टूटी जब उसे अपने बर्तन बेचने पड़े। अपनी ऎसी हालत देख कर उसने लखनऊ अपने घर वापस जाने की ठान लिया है।

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राजकुमार को अब 10 दिन हो गया है जबसे वो रिक्शा लेकर दिल्ली से लखनऊ के लिए निकला है। शुक्रवार की रात वह बरेली पंहुचा है और आज शनिवार को अपने घर लखनऊ के लिए निकला है। लखनऊ चारबाग स्टेशन के पास रहने वाला 25 साल का राजकुमार 9 साल पहले दिल्ली रोजगार की तलाश में गया था। पहले उसके पास कुछ नहीं था फिर कुछ दिन उसने मजदूरी की पैसे इक्कठे किए और अपना रिक्शा खरीद लिया। रिक्शे से रोजाना 500-700 रूपये तक कमा लेता था। खुद के खर्च के लिए पैसे रख कर बचे हुए पैसे बूढी मां के लिए भेज देता था। बूढी मां और छोटी बहन की जिम्मेदारी भी उसके ऊपर ही थी।




8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद उसकी कमाई बंद सी हो गयी। रिक्शे पर बैठने वाली सवारियां आधी हो गयी थी जो बैठते भी थे वो 500 की नोट थमाते 100-50 के नोट तो जैसे सबने देना ही बंद कर दिया था। नोटबंदी के बाद तो हालत ऎसी हो गयी कि दिनभर में 100 रुपये की कमाई भी मुश्किल हो गयी थी। जब खाने के लिए भी पैसे मिलना बंद तो थक हार कर 14 नवम्बर को उसने घर वापस जाने का फैसला किया और अगले दिन सुबह रिक्शा लेकर लखनऊ के लिए निकल गया।



जेब खाली हुई तो रास्ते में गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ में रुककर रिक्शा चलाया। गुरुवार की रात वह रिक्शा चलाते हुए बरेली पहुंचा। फिर से रुपये खत्म हो गए तो रिक्शा लेकर बरेली की सड़कों पर चल पड़ा। डीडीपुरम चौराहे पर सवारी लेकर पहुंचे राजकुमार ने बताया कि दिल्ली में हजारों रिक्शा चालको की यही हालत है। बाहर से आए दिहाड़ी मजदूर मुफलिसी के कगार पर खड़े हो गए हैं। उसके कई साथी पहले ही दिल्ली छोड़कर घर जा चुके हैं। नोटबंदी क्यों हुई, इसका क्या फायदा होगा, यह तो राजकुमार नहीं जानता, लेकिन उसका धंधा चौपट हो गया।

नई दिल्ली। 500 और 1000 की नोटबंदी के बाद से कालाधन कितना बाहर आएगा, सेंसेक्स कितना घटेगा-बढेगा इस सब बातों से परे राजकुमार का धंधा चौपट हो गया और उसकी दिल्ली जरूर छूट गयी। लखनऊ से कमाई के लिए दिल्ली जाने वाले राजकुमार को नोटबंदी के फैसले के बाद से खाने के लाले पड़ गए। राजकुमार की हिम्मत तो तब टूटी जब उसे अपने बर्तन बेचने पड़े। अपनी ऎसी हालत देख कर उसने लखनऊ अपने घर वापस जाने की ठान…