NRC मामले पर हंगामे के बाद राज्यसभा स्थगित, फिर नहीं बोल सके अमित शाह

NRC मामले पर हंगामे के बाद राज्यसभा स्थगित, फिर नहीं बोल सके अमित शाह
NRC मामले पर हंगामे के बाद राज्यसभा स्थगित, फिर नहीं बोल सके अमित शाह

Rajya Sabha Adjourned Till 12 Pm Following Ruckus Over Nrc List Issue

नई दिल्ली। असम में नागरिक रजिस्टर बन गया और 40 लाख लोग भारतीय नागरिक नहीं रह गए। इस मुद्दे पर आज संसद में जोरदार हंगामा हुआ। आज राज्यसभा में जैसे ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह बयान देने के लिए खड़े हुए, विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाज सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इस मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए थे। राज्‍यसभा में बीजेपी सांसद अमित शाह को फिर से बोलने का मौका दिया लेकिन हंगामे की वजह से वह बोल नहीं पाए। शाह मंगलवार को दिए अपने बयान को पूरा करना चाहते थे।

राज्यसभा में बुधवार को हंगामे की शुरूआत उस समय हुई, जब एनआरसी को लेकर मंगलवार की अधूरी चर्चा को पूरा करने के लिए अमित शाह बोलने के लिए खड़े हुए। इसको लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरु कर दिया। कांग्रेस की ओर से आनंद शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री को लेकर की गई उनकी टिप्पणी को गलत बताया और मांग की इसको रिकॉर्ड से हटाया जाए। साथ ही वह इसके लिए माफी भी मांगे। हालांकि सभापति ने कहा कि वह इसको देखेंगे, यदि कुछ भी आपत्तिजनक होगा, तो हटा दिया जाएगा। इसके बाद भी विपक्ष सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और हंगामे पर अड़े रहे।

क्या कहता है एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट?

असम में सोमवार को नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन की दूसरी ड्राफ्ट लिस्ट का प्रकाशन कर दिया गया। जिसके मुताबिक कुल तीन करोड़ 29 लाख आवेदन में से दो करोड़ नवासी लाख लोगों को नागरिकता के योग्य पाया गया है, वहीं करीब चालीस लाख लोगों के नाम इससे बाहर रखे गए हैं। NRC का पहला मसौदा 1 जनवरी को जारी किया गया था, जिसमें 1.9 करोड़ लोगों के नाम थे। दूसरे ड्राफ्ट में पहली लिस्ट से भी काफी नाम हटाए गए हैं।

नए ड्राफ्ट में असम में बसे सभी भारतीय नागरिकों के नाम पते और फोटो हैं। इस ड्राफ्ट से असम में अवैध रूप से रह रहे लोगों को बारे में जानकारी मिल सकेगी। असम के असली नागरिकों की पहचान के लिए 24 मार्च 1971 की समय सीमा मानी गई है यानी इससे पहले से रहने वाले लोगों को भारतीय नागरिक माना गया है।

नई दिल्ली। असम में नागरिक रजिस्टर बन गया और 40 लाख लोग भारतीय नागरिक नहीं रह गए। इस मुद्दे पर आज संसद में जोरदार हंगामा हुआ। आज राज्यसभा में जैसे ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह बयान देने के लिए खड़े हुए, विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाज सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इस मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए थे। राज्‍यसभा में बीजेपी…