राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की गैरमौजूदगी से हुई फजीहत, अमित शाह हुए नाराज़

Rajyasabha Mei Bjp Sansado Ki Gair Maujudgi Se Hui Amit Shah Ki Fajihat

नई दिल्ली। राज्यसभा में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के लिए मोदी सरकार को सोमवार को 123वां संविधान संशोधन बिल पारित करवाने में फजीहत झेलनी पड़ी। राज्यसभा में पहले से कमजोर स्थिति में रही भाजपा को ऐसी परिस्थिति का सामना अपने सांसदों की अनुपस्थिति के कारण करना पड़ा। अगर उसके सभी सांसद सदन में पिछड़ा वर्ग आयोग गठन संबंधी बिल पारित करवाने के दौरान मौजूद होते तो विपक्ष के सामने उसे झुकना नहीं पड़ता और न ही यह सुनन पड़ता कि सरकार के लिए यह शर्मनाक स्थिति है। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया है और सूत्रों का कहना है कि पार्टी अनुपस्थित सांसदों से सफाई मांग सकती है। बताते चले कि यह कोई ऐसा पहली बार नहीं हुआ, इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी भी सांसदों के इस लापरवाह रवैये के लिए चेतावनी दे चुके हैं।

सूत्रों की मानें, तो शाह ने सांसदों से कहा कि ज़रा पीछे मुड़कर देखो कि कितने लोगों का टिकट काटकर आपको टिकट दिया गया था। शाह की फटकार के बाद संसदीय कार्य राज्यमंत्री एस एस अहलवालिया ने सभी सांसदों को प्रेजेंटेशन देकर समझाया कि व्हिप क्या होती है, इसका संसदीय प्रणाली में क्या महत्व है।

सोमवार को राज्यसभा में यह स्थिति तब बनी जब पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाए जाने को लेकर केंद्रीय सामाजिक कल्याण मंत्री थावरचंद गहलोत 123वां संविधान संशोधन बिल पास कराना चाहते थे। बिल पर वोटिंग के दौरान करीब 4 घंटे तक बहस हुई लेकिन वोटिंग के दौरान एनडीए के कई सांसदों के मौजूद नहीं होने से सरकार हार गई और विपक्ष का एक संशोधन पास हो गया।

दरअसल कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह, बी के हरिप्रसाद और हुसैन दलवाई ने इस बिल पर वोटिंग के दौरान यह संशोधन पेश किया था कि पिछड़ा वर्ग आयोग में सदस्यों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 की जाए। साथ ही उसमें एक महिला सदस्य और एक अल्पसंख्यक भी शामिल हो। इसके अलावा संशोधन में यह भी मांग की गई थी कि आयोग के सभी सदस्य पिछड़े वर्ग के ही हों।

नई दिल्ली। राज्यसभा में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के लिए मोदी सरकार को सोमवार को 123वां संविधान संशोधन बिल पारित करवाने में फजीहत झेलनी पड़ी। राज्यसभा में पहले से कमजोर स्थिति में रही भाजपा को ऐसी परिस्थिति का सामना अपने सांसदों की अनुपस्थिति के कारण करना पड़ा। अगर उसके सभी सांसद सदन में पिछड़ा वर्ग आयोग गठन संबंधी बिल पारित करवाने के दौरान मौजूद होते तो विपक्ष के सामने उसे झुकना नहीं पड़ता और न ही यह सुनन पड़ता…