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भाकियू में टूट के बाद ​बोले राकेश टिकैत, सरकारों का काम होता है फूट डालना, हमारा धर्म है किसानों की आवाज को और बुलंद करना

भारतीय किसान यूनियन में टूट हो गई है। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर भारतीय किसान यूनियन दो भागों में बंट गया। इसके साथ ही कई किसान नेताओं ने राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनसे दूरी बना ली और भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) बनाए जाने का ऐलान किया था।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन में टूट हो गई है। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर भारतीय किसान यूनियन दो भागों में बंट गया। इसके साथ ही कई किसान नेताओं ने राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनसे दूरी बना ली और भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) बनाए जाने का ऐलान किया था।

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भाकियू (अराजनैतिक) के नए संगठन ने राजेश सिंह चौहान को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव, जबकि हरिनाम सिंह वर्मा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद से कहा जाने लगा कि किसान आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) अब अलग थलग पड़ गए हैं। वहीं, अब राकेश टिकैत का बयान आया है।

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उन्होंने कहा है कि,आखिरी सांस तक किसानों की लड़ाई जारी रहेगी। दरअसल, सोमवार को राकेश टिकैत ने ट्वीट कर लिखा है कि, ‘सरकारों का काम होता है किसान आंदोलन को तोड़ना, फूट डालना या कमजोर करना। हमारा धर्म है किसानों की आवाज को और बुलंद करना। उनके अधिकारों की रक्षा करना। आखिरी सांस तक किसानों की लड़ाई जारी रहेगी।’

बता दें कि, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेताओं ने राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) की गतिविधियों को लेकर उन्होंने नाराजगी दिखाई थी। इन किसान नेताओं का आरोप है कि राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने अपने राजनीतिक बयानों और गतिविधियों से उनके आराजनीतिक संगठन को सियासी शक्ल दे दी।

 

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