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Rakesh Tikait बोले- लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता नफरत को नकार, मुद्दों पर डाले वोट

यूपी विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण की वोटिंग 14 फरवरी सोमवार को होने जा रही है। विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक दल तमाम मुद्दों को लेकर वोट मांग रहे हैं। तो वहीं इसके बीच भारतीय किसान किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी एक कदम आगे बढ़कर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब किसान मुद्दाविहीन राजनीति में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, बल्कि उनको इस बात का पता चल गया है कि किन मुद्दों को ध्यान में रखना है और किस पार्टी को वोट देना है?

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। यूपी विधानसभा चुनाव  2022 (UP Assembly Elections 2022) में दूसरे चरण की वोटिंग 14 फरवरी सोमवार को होने जा रही है। विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के बीच राजनीतिक दल तमाम मुद्दों को लेकर वोट मांग रहे हैं। तो वहीं इसके बीच भारतीय किसान किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Kisan Union) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (National spokesperson Rakesh Tikait)  ने भी एक कदम आगे बढ़कर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब किसान मुद्दा विहीन राजनीति में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, बल्कि उनको इस बात का पता चल गया है कि किन मुद्दों को ध्यान में रखना है और किस पार्टी को वोट देना है?

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राकेश टिकैत (Rakesh Tikait)ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि पश्चिम यूपी में अब आपस में बांटने, झगड़ने, मुद्दाविहीन राजनीति करने के दिन लद गए हैं। किसानों-कमेरों और ग्रामीण जनता ने नफरत को नकार मुद्दों पर वोट डालें, आगे भी डालेंगे। ये आंदोलन की देन है। लोकतंत्र की मजबूती और बेलगाम सरकारों पर अंकुश के लिए आंदोलन भी जरूरी है।

बता दें कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और यूपी के किसानों ने एक साल से अधिक समय तक दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन किया था। जब केंद्र सरकार ने इन तीनों कानूनों को खत्म किया उसके बाद किसान अपने घरों को वापस लौटे। प्रदर्शन के दौरान ये भी कहा गया कि इस बार के चुनाव में किसान भाजपा के विरोध में वोट करेंगे। पश्चिमी यूपी की कई विधानसभाओं में किसानों का दबदबा है वो चुनाव जितवाने में भूमिका निभाते हैं।

इस बार माना जा रहा है कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान एकजुट होंगे और चौधरियों की चौधराहट वापस मिलेगी। खैर चुनाव के नतीजे तो 10 मार्च को ही सामने आएंगे मगर राकेश टिकैत ने ये जरुर बता दिया है कि अब किसान किन चीजों को ध्यान में रखकर वोट डाल रहे हैं।

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