Raksha Bandhan 2019: इस बार 15 अगस्त को पड़ रहा रक्षा बंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2019: इस बार 15 अगस्त को पड़ रहा रक्षा बंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
Raksha Bandhan 2019: इस बार 15 अगस्त को पड़ रहा रक्षा बंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

लखनऊ। हिंदू धर्म में भाई-बहनों के त्योहार रक्षा बंधन का बहुत अधिक महत्व है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधती है और उनकी लंबी उम्र की कामना करती है। आइये जानते हैं इस बार रक्षा बंधन कब पड़ रहा है और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है……

Raksha Bandhan 2019 Date Shubh Muhurat Timing Raksha Bandhan Puja Vidhi :

रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त

रक्षा बंधन 2019: 15 अगस्त
रक्षा बंधन अनुष्ठान का समय- 05:53 से 17:58
अपराह्न मुहूर्त- 13:43 से 16:20

पूर्णिमा तिथि आरंभ – दोहपर 3:45 (14 अगस्त)
पूर्णिमा तिथि समाप्त- शाम 5:58 (15 अगस्त)

भद्रा समाप्त: सूर्योदय से पहले

राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • राखी की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, पीली सरसों के बीज, दीपक और राखी रखें।
  • इसके बाद भाई को तिलक लगाकर उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र यानी कि राखी बांधें।
  • राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें।
  • भाई को मिठाई खिलाएं।
  • राखी बांधने के बाद भाइयों को इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार बहनों को भेंट देनी चाहिए।
  • ब्राह्मण या पंडित जी भी अपने यजमान की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं।
लखनऊ। हिंदू धर्म में भाई-बहनों के त्योहार रक्षा बंधन का बहुत अधिक महत्व है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधती है और उनकी लंबी उम्र की कामना करती है। आइये जानते हैं इस बार रक्षा बंधन कब पड़ रहा है और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है...... रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त रक्षा बंधन 2019: 15 अगस्त रक्षा बंधन अनुष्ठान का समय- 05:53 से 17:58 अपराह्न मुहूर्त- 13:43 से 16:20 पूर्णिमा तिथि आरंभ – दोहपर 3:45 (14 अगस्त) पूर्णिमा तिथि समाप्त- शाम 5:58 (15 अगस्त) भद्रा समाप्त: सूर्योदय से पहले राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान
  • राखी की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, पीली सरसों के बीज, दीपक और राखी रखें।
  • इसके बाद भाई को तिलक लगाकर उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र यानी कि राखी बांधें।
  • राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें।
  • भाई को मिठाई खिलाएं।
  • राखी बांधने के बाद भाइयों को इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार बहनों को भेंट देनी चाहिए।
  • ब्राह्मण या पंडित जी भी अपने यजमान की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं।