रक्षाबंधन 2019: राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान

रक्षाबंधन 2019: राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान
रक्षाबंधन 2019: राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान

लखनऊ। श्रावण मास की पूर्णिमा को भाई-बहन का त्यौहार रक्षा बंधन मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार स्वतन्त्रता दिवस के दिन यानि 15 अगस्त को पड़ रहा है। रक्षाबंधन के मौके पर अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग मान्यताओं के साथ रक्षाबंधन मनाया जाता है। लेकिन अधिकतर जगह टीका करके भाई की आरती उतारी जाती है और उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। चलिए आज हम आपको कुछ पारंपरिक रीति-रिवाज के बारे में बताते हैं जिन्हें राखी बांधते वक्त ध्यान में रखना चाहिए—-

Raksha Bandhan 2019 Special Do Not Forget These :

राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • राखी बांधते वक्त भाई को पूर्व दिशा में बैठाएं।
  • तिलक लगाते वक्त बहन का मुंह पश्चिम दिशा में हो।
  • राखी बांधते वक्त इस मंत्र – ‘येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः’ को जरूर पढ़ें। इससे विशेष फल की प्राप्ति होती है।
  • राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें फिर भाई को मिठाई खिलाएं।
  • राखी बंधवाते वक्त भाई को पीढ़े पर ही बैठाएं।
  • राखी की थाली में सरसों, रोली एक साथ मिलाकर, कच्चे सूत का कपड़ा, चावल और दीप जरूर रखें।
लखनऊ। श्रावण मास की पूर्णिमा को भाई-बहन का त्यौहार रक्षा बंधन मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार स्वतन्त्रता दिवस के दिन यानि 15 अगस्त को पड़ रहा है। रक्षाबंधन के मौके पर अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग मान्यताओं के साथ रक्षाबंधन मनाया जाता है। लेकिन अधिकतर जगह टीका करके भाई की आरती उतारी जाती है और उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। चलिए आज हम आपको कुछ पारंपरिक रीति-रिवाज के बारे में बताते हैं जिन्हें राखी बांधते वक्त ध्यान में रखना चाहिए---- राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान
  • राखी बांधते वक्त भाई को पूर्व दिशा में बैठाएं।
  • तिलक लगाते वक्त बहन का मुंह पश्चिम दिशा में हो।
  • राखी बांधते वक्त इस मंत्र - 'येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः' को जरूर पढ़ें। इससे विशेष फल की प्राप्ति होती है।
  • राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें फिर भाई को मिठाई खिलाएं।
  • राखी बंधवाते वक्त भाई को पीढ़े पर ही बैठाएं।
  • राखी की थाली में सरसों, रोली एक साथ मिलाकर, कच्चे सूत का कपड़ा, चावल और दीप जरूर रखें।