हर कश्मीरी राष्ट्र विरोधी नहीं, हर कश्मीरी अलगाववादी नहीं: राम माधव

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हर कश्मीरी राष्ट्र विरोधी नहीं, हर कश्मीरी अलगाववादी नहीं: राम माधव

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता और महासचिव राम माधव ने कश्मीर को लेकर बयान दिया है। राम माधव ने कहा है कि हर कश्मीरी राष्ट्र विरोधी नहीं हर कश्मीर अलगाववादी नहीं है। वह आपके और हमारे जैसा है। इस पूरे मामले को अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ हल किया जाएगा। राम माधव ने यह बात हैदराबाद में राष्ट्रीय एकता अभियान को संबोधित करने के दौरान कही।    

Ram Madhav Says Not Every Kashmiri Is Anti National And Not Every Kashmiri Is A Separatist :

माधव ने कहा, ‘हर कश्मीरी देशद्रोही नहीं है और हर कश्मीरी अलगाववादी नहीं है। वह आपके और मेरे जैसे हैं। हमने उसे (अनुच्छेद 370 को हटाना) इसलिए किया क्योंकि हम वहां विकासात्मक अधिकार, राजनीतिक अधिकार और जम्मू-कश्मीर के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार देना चाहते थे।’

पांच सितारा होटल में नजरबंद हैं 200 नेता

उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में सुरक्षाबलों की चौकसी के चलते एक भी नागरिक की मौत नहीं हुई है। घाटी में 200 नेताओं को हिरासत में रखा गया है। हालांकि, वे सभी फाइव स्टार होटलों में हैं, पूरी सुविधाओं के साथ। यह कदम घाटी में कानून व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए उठाया गया है। उनके अलावा 200 लोग बीते दो महीने से जेल में हैं। पूरे प्रदेश में शांति है।

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था। इसके बाद जम्मू, कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश बन गए।

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता और महासचिव राम माधव ने कश्मीर को लेकर बयान दिया है। राम माधव ने कहा है कि हर कश्मीरी राष्ट्र विरोधी नहीं हर कश्मीर अलगाववादी नहीं है। वह आपके और हमारे जैसा है। इस पूरे मामले को अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ हल किया जाएगा। राम माधव ने यह बात हैदराबाद में राष्ट्रीय एकता अभियान को संबोधित करने के दौरान कही।     माधव ने कहा, 'हर कश्मीरी देशद्रोही नहीं है और हर कश्मीरी अलगाववादी नहीं है। वह आपके और मेरे जैसे हैं। हमने उसे (अनुच्छेद 370 को हटाना) इसलिए किया क्योंकि हम वहां विकासात्मक अधिकार, राजनीतिक अधिकार और जम्मू-कश्मीर के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार देना चाहते थे।' पांच सितारा होटल में नजरबंद हैं 200 नेता उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में सुरक्षाबलों की चौकसी के चलते एक भी नागरिक की मौत नहीं हुई है। घाटी में 200 नेताओं को हिरासत में रखा गया है। हालांकि, वे सभी फाइव स्टार होटलों में हैं, पूरी सुविधाओं के साथ। यह कदम घाटी में कानून व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए उठाया गया है। उनके अलावा 200 लोग बीते दो महीने से जेल में हैं। पूरे प्रदेश में शांति है। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था। इसके बाद जम्मू, कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश बन गए।