यूपी चुनाव से पहले राम की शरण में भाजपा और सपा

फैजाबाद| यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव के पहले राजनीतिक पार्टियां राम की शरण में पहुंच गई हैं। मंगलवार को केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा अयोध्या में रामायण संग्राहालय की घोषणा करेंगे। वह यहां संतों के साथ बैठक भी करेंगे हनुमान गढ़ी और रामलला के मंदिर में दर्शन भी करेंगे और विश्व हिंदू परिषद के कारसेवक पुरम में कार्यकर्ता सम्मेलन भी करेंगे। वैसे तो रामायण संग्रहालय राम सर्किट का एक हिस्सा है जिसकी घोषणा बहुत पहले ही केंद्र सरकार ने की थी लेकिन महेश शर्मा को भी इसकी याद तभी आई जब यूपी के चुनाव ने दस्तक दिया। मकसद है इसी बहाने राम के मुद्दे को चुनाव में गर्माना।




हालांकि अब राम नाम की लूट में समाजवादी पार्टी भी शामिल हो गई है। महेश शर्मा अयोध्या आते उससे पहले ही सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैबिनेट की बैठक करके ऐलान कर दिया कि राज्य सरकार अयोध्या में राम के ऊपर एक इंटरनेशनल थीम पार्क बनाएगी। इस थीम पार्क में रामायण से जुड़ी चीजों को एनिमेशन के जरिए दिखाया जाएगा और रामायण से संबंधित चित्र भी लगेंगे। यहां रामायण से जुड़ी कहानियों की फिल्में भी दिखाई जाएंगी। इसे बनाने में करीब 22 करोड़ो रुपए की लागत आएगी।

उधर, उत्तर प्रदेश की सत्ता के लिए प्रमुख दावेदार बसपा प्रमुख मायावती ने इस कदम की आलोचना की और कहा कि ऐसा ‘चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है प्रस्तावित संग्रहालय के लिए जमीन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुहैया करायी गई है। मायावती ने लखनऊ में जारी एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अयोध्या में पर्यटन का विकास करना अच्छी बात है लेकिन ऐसा कैसे हुआ कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नरेंद्र मोदी सरकार को रामायण संग्रहालय विकसित करने और राज्य सरकार को रामलीला थीम पार्क बनाने की याद आयी है। मायावती ने कहा, ‘‘इन सरकारों द्वारा राजनीति को धर्म से जोड़ना और इससे चुनावी लाभ लेना निंदनीय है यदि उन्हें इन मुद्दों की इतनी ही चिंता होती तो उन्होंने इसके बारे में बहुत पहले ही सोचा होता।