डेरा सच्चा सौदा समर्थकों का तांडव, मीडिया पर हमला, सरकारी दफ्तरों में आगजनी

चंडीगढ़। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए बाबा राम रहीम को दोषी ठहराया है। जिसके बाद से बाबा के समर्थकों का गुस्सा फूट गया है। प्रशासन की लाख व्यवस्थाओं के बावजूद समर्थक सड़क कर उतर हंगामा कर रहें है। सरकारी दफ्तरों समेत मीडियाकर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है। जानिये पल-पल के लाइव अपडेट्स–

लाइव अपडेट…

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  • डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने मीडिया कर्मियों पर किया पथराव।
  • दो ओवी वैन में तोडफोड, आगजनी की जानकारी
  • मनसा के इनकम टेक्स ऑफिस में आगजनी।
  • भटिंडा ,मनसा, फिरोजपुर में कर्फ़्यू
  • भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच फ्लाइट से बाबा राम रहीम को रोहतक के सुनारिया जेल ले जाया जा रहा है।
  • कोर्ट की तरफ जाने की फिराक में समर्थक
  • सड़कों पर चारों तरफ हिंसा का माहौल
  • 28 को होगा सज़ा-ए-ऐलान
  • दिल्ली में भी हाई अलर्ट जारी

ये है आरोप-

गुरमीत राम रहीम सिंह द्वारा कथित रूप से दो साध्वियों का यौन उत्पीड़न किए जाने संबंधी अज्ञात चिट्ठी मिलने के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 2002 में डेरा प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम पर धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया था। 2005-2006 के बीच में सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढा जिसका यौन शोषण हुआ था।

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सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। यहां से केस पंचकूला शिफ्ट हो गया और बताया गया कि डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं। अगस्त 2008 में ट्रायल शुरू हुआ और डेरा प्रमुख के खिलाफ चार्ज तय किए गए।
2011 से 2016 तक लंबा ट्रायल चला।

जुलाई 2016 में केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए। इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे। 25 जुलाई 2017 को कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि केस जल्द निपट सके।

कब शुरू हुआ डेरा सच्चा सौदा-

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डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना महाराज ने की थी। फिर शाह सतनाम महाराज बने और उन्होंने 1990 में संत गुरमीत सिंह को गद्दी सौंपी। संत गुरमीत श्रीगंगानगर (राजस्थान) के गांव गुरुसरमोडिया के हैं।

 

 

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