राम मंदिर: ट्रस्ट में नाम शामिल न होने से संत नाराज, बोले- सरकार ने किया अपमान

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राम मंदिर: ट्रस्ट में नाम शामिल न होने से संत नाराज, बोले- सरकार ने किया अपमान

अयोध्या। बुधवार को जैसे ही पीएम मोदी ने लोकसभा में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का ऐलान किया, वैसे ही विवाद शुरू हो गया। एकतरफ जहां मंहत परमहंश दास आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को ट्रस्ट का संरक्षक बनाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं वहीं दूसरी तरफ अयोध्या के कुछ संत इसलिए नाराज हैं क्योंकि पुराने लोगों के नाम ट्रस्ट में नही ​शामिल किये गये हैं।

Ram Temple Saints Angry Over Not Joining The Trust Said Government Insulted :

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बनाए गए ट्रस्ट पर लगातार बवाल बढ़ता जा रहा है। राम जन्मभूमि से जुड़े संतो का कहना है कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए आन्दोलन करने वाले पुराने लोगों को तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जगह नही दी गयी है। ऐसे में संतो ने सरकार पर अपमान का आरोप लगाया है, साथ ही कहा है कि वो इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। वहीं गुरूवार को इस मामले में दिगम्बर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने संतो की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कुछ फैसला लिया जा सकता है।

नाराज संत महंत सुरेश दास ने कहा कि सरकार ने संतो का अपमान किया है। हमने एक बैठक बुलाई है, जिसमें सारे संत शामिल होंगे। उनका कहना है कि पूरे देश के संत फोन कर रहे हैं। हम बैठक में आगे की कार्यवाही करेंगे। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जरूरत हुई तो आंदोलन होगा। उनका दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कहा था कि नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट में शामिल किया जायेगा पर उन्हे शामिल नही किया गया।

आपको बता दें कि ट्रस्ट के सदस्यों की जो लिस्ट सामने आ गई है। उसके मुताबिक, ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य होंगे, 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे। रामलला के अधिवक्ता के.परासरन इसके अध्यक्ष होंगे। जबकि शंकराचार्य वासुदेवानंद महाराज सदस्य, परमानंद महाराज जी हरिद्वार सदस्य, स्वामी गोविंदगिरी जी पुणे सदस्य, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा सदस्य, डॉ.अनिल मिश्रा होम्योपैथिक डॉ.अयोध्या सदस्य, डॉ.कमलेश्वर चौपाल पटना सदस्य, महंत दिनेंद्र दास निर्मोही अखाड़ा सदस्य, डीएम अयोध्या ट्रस्ट के संयोजक सदस्य होंगे। जबकि ट्रस्ट में 6 नामित सदस्य भी होंगे। इनको बोर्ड ऑफ ट्रस्ट नामित करेगा।

अयोध्या। बुधवार को जैसे ही पीएम मोदी ने लोकसभा में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का ऐलान किया, वैसे ही विवाद शुरू हो गया। एकतरफ जहां मंहत परमहंश दास आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को ट्रस्ट का संरक्षक बनाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं वहीं दूसरी तरफ अयोध्या के कुछ संत इसलिए नाराज हैं क्योंकि पुराने लोगों के नाम ट्रस्ट में नही ​शामिल किये गये हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बनाए गए ट्रस्ट पर लगातार बवाल बढ़ता जा रहा है। राम जन्मभूमि से जुड़े संतो का कहना है कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए आन्दोलन करने वाले पुराने लोगों को तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जगह नही दी गयी है। ऐसे में संतो ने सरकार पर अपमान का आरोप लगाया है, साथ ही कहा है कि वो इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। वहीं गुरूवार को इस मामले में दिगम्बर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने संतो की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कुछ फैसला लिया जा सकता है। नाराज संत महंत सुरेश दास ने कहा कि सरकार ने संतो का अपमान किया है। हमने एक बैठक बुलाई है, जिसमें सारे संत शामिल होंगे। उनका कहना है कि पूरे देश के संत फोन कर रहे हैं। हम बैठक में आगे की कार्यवाही करेंगे। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जरूरत हुई तो आंदोलन होगा। उनका दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कहा था कि नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट में शामिल किया जायेगा पर उन्हे शामिल नही किया गया। आपको बता दें कि ट्रस्ट के सदस्यों की जो लिस्ट सामने आ गई है। उसके मुताबिक, ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य होंगे, 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे। रामलला के अधिवक्ता के.परासरन इसके अध्यक्ष होंगे। जबकि शंकराचार्य वासुदेवानंद महाराज सदस्य, परमानंद महाराज जी हरिद्वार सदस्य, स्वामी गोविंदगिरी जी पुणे सदस्य, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा सदस्य, डॉ.अनिल मिश्रा होम्योपैथिक डॉ.अयोध्या सदस्य, डॉ.कमलेश्वर चौपाल पटना सदस्य, महंत दिनेंद्र दास निर्मोही अखाड़ा सदस्य, डीएम अयोध्या ट्रस्ट के संयोजक सदस्य होंगे। जबकि ट्रस्ट में 6 नामित सदस्य भी होंगे। इनको बोर्ड ऑफ ट्रस्ट नामित करेगा।