गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तरह अयोध्या में बनेगा राम मंदिर

Somnath tample
गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तरह अयोध्या में बनेगा राम मंदिर

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वर्षों पुराने अयोध्या विवाद पर शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र व यूपी सरकार को तीन महीने के भीतर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है। अयोध्या में मंदिर का निर्माण बिल्कुल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर होगा।

Ram Temple To Be Built In Ayodhya Like Somnath Temple Of Gujarat :

बता दें कि सोमनाथ मंदिर के लिए भी केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का गठन किया था। सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। उस समय राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए थे। पहली दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था।

सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। अरब यात्री अल बरूनी ने अपने यात्रा वृतान्त में इसका विवरण लिखा। इससे प्रभावित हो महमूद गजनवी ने 1025 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया, उसकी सम्पत्ति लूटी और उसे नष्ट कर दिया।

इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। 1297 में जब दिल्ली सल्तनत ने गुजरात पर कब्जा किया तो इसे फिर गिराया गया। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और विनाश का सिलसिला जारी रहा।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वर्षों पुराने अयोध्या विवाद पर शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र व यूपी सरकार को तीन महीने के भीतर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है। अयोध्या में मंदिर का निर्माण बिल्कुल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर होगा। बता दें कि सोमनाथ मंदिर के लिए भी केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का गठन किया था। सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। उस समय राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए थे। पहली दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। अरब यात्री अल बरूनी ने अपने यात्रा वृतान्त में इसका विवरण लिखा। इससे प्रभावित हो महमूद गजनवी ने 1025 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया, उसकी सम्पत्ति लूटी और उसे नष्ट कर दिया। इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। 1297 में जब दिल्ली सल्तनत ने गुजरात पर कब्जा किया तो इसे फिर गिराया गया। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और विनाश का सिलसिला जारी रहा।