सेब पर मोम की परत देख भड़के राम विलास पासवान

ram vilas paswan
सेब पर मोम की परत देख भड़के राम विलास पासवान

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने सेब पर मोम की परत चढ़ाए जाने को लेकर सख्त नाराजगी व्यक्त की है। पासवान ने कहा कि वह घर में रसियन सलाद बनाने के लिए सेब काट रहे थे। चाकू से खुरचने के बाद सेब से भारी मात्रा में मोम निकाला गया। पासवान ने इस मुद्दे को उठाया विभिन्न एजेंसियां कार्रवाई के मूड में आईं और उनके मंत्रालय ने खाद्य सुरक्षा नियामक (एफएसएसएआई) को पत्र लिखकर उपभोक्ताओं को विष पदार्थ वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर ध्यान देने के लिए कहा है।

Ram Vilas Paswan Furious After Seeing Wax Layer On Apple :

बताया जा रहा है कि दक्षिणी दिल्ली के खान मार्केट में स्थित फलों की एक नामचीन दुकान से राम विलास पासवान के घर कुछ सेब आए थे। उन्होंने कहा, ‘जब मैं रशियन सलाद बनाने जा रहा था तो मैंने कुक से सेबों को धोने के लिए कहा। मैं इस बात का ध्यान रखता हूं कि सभी चमकदार खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह से धोया जाए। उसने मुझे बताया कि कई बार धोने के बावजूद सेब चमक रहे हैं। जब उसने चाकू से मोम की परत हटाई तो हमने पाया कि सेबों को चमकदार बनाने के लिए उसपर मोम की मोटी परत लगाई गई है। मैंने अपने विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।’ मंत्री ने बताया कि इन आयातित सेबों की कीमत 420 रुपये प्रति किलोग्राम है।

दुकानदार ने इस बात को स्वीकार किया है कि उसे आजादपुर मंडी से मोम की परत वाले अमेरीकी सेबों का पैकेट मिला है। दुकान के मालिक ने कहा, ‘हम मोम की परत वाले किसी भी फल को नहीं बेचते हैं और इसलिए हमारे अलग-अलग ग्राहक हैं। जैसे ही हमें शिकायत मिली हमने उन सेबों को हटा दिया।
मंत्री ने अपना निजी अनुभव मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान तब बताया जब उनसे उपभोक्ताओं से अतिरिक्त सावधानी बरतने और अतिरिक्त चमकदार दिखने वाले फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से धोने की अपील करने के लिए कहा गया।

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने सेब पर मोम की परत चढ़ाए जाने को लेकर सख्त नाराजगी व्यक्त की है। पासवान ने कहा कि वह घर में रसियन सलाद बनाने के लिए सेब काट रहे थे। चाकू से खुरचने के बाद सेब से भारी मात्रा में मोम निकाला गया। पासवान ने इस मुद्दे को उठाया विभिन्न एजेंसियां कार्रवाई के मूड में आईं और उनके मंत्रालय ने खाद्य सुरक्षा नियामक (एफएसएसएआई) को पत्र लिखकर उपभोक्ताओं को विष पदार्थ वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर ध्यान देने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि दक्षिणी दिल्ली के खान मार्केट में स्थित फलों की एक नामचीन दुकान से राम विलास पासवान के घर कुछ सेब आए थे। उन्होंने कहा, 'जब मैं रशियन सलाद बनाने जा रहा था तो मैंने कुक से सेबों को धोने के लिए कहा। मैं इस बात का ध्यान रखता हूं कि सभी चमकदार खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह से धोया जाए। उसने मुझे बताया कि कई बार धोने के बावजूद सेब चमक रहे हैं। जब उसने चाकू से मोम की परत हटाई तो हमने पाया कि सेबों को चमकदार बनाने के लिए उसपर मोम की मोटी परत लगाई गई है। मैंने अपने विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।' मंत्री ने बताया कि इन आयातित सेबों की कीमत 420 रुपये प्रति किलोग्राम है। दुकानदार ने इस बात को स्वीकार किया है कि उसे आजादपुर मंडी से मोम की परत वाले अमेरीकी सेबों का पैकेट मिला है। दुकान के मालिक ने कहा, 'हम मोम की परत वाले किसी भी फल को नहीं बेचते हैं और इसलिए हमारे अलग-अलग ग्राहक हैं। जैसे ही हमें शिकायत मिली हमने उन सेबों को हटा दिया। मंत्री ने अपना निजी अनुभव मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान तब बताया जब उनसे उपभोक्ताओं से अतिरिक्त सावधानी बरतने और अतिरिक्त चमकदार दिखने वाले फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से धोने की अपील करने के लिए कहा गया।