रमाकांत यादव की फिर हुई सपा में घर वापसी

Ramakant Yadav
रमाकांत यादव की फिर हुई सपा में घर वापसी

लखनऊ। भाजपा, सपा और बसपा से विधायक व सांसद रहे आज़मगढ़ के रमाकान्त यादव लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में गये थे लेकिन एकबार ​उन्होने फिर से सपा का दामन थाम लिया। आज लखनऊ में उन्होने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। रमाकान्त यादव ने इसे अपनी घर वापसी बताया है। आपको बता दें कि कांग्रेस ने हाल ही में उन्हे पार्टी  विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। रमाकांत के साथ साथ कई बसपा नेता व फूलन देवी की बहन रुक्मण निषाद भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं।

Ramakant Yadav Returns Home To Sp Again :

आपको बता दें कि रमाकांत यादव वर्ष 1985 में आजमगढ़ से पहली बार निर्दलीय विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1989 में बीजेपी, 1991 में समाजवादी जनता पार्टी, 1993 में सपा से विधायक बने। विधायकी के बाद उन्हे सासंद बनने का मौका मिला, 1996 और 1999 में सपा से, 2004 में बसपा से वहीं 2009 में एकबार फिर सपा से वो सांसद बने। 2014 में सपा ने आजमगढ़ से मुलायम सिंह को टिकट दे दिया तो रमाकान्त यादव मुलायम के खिलाफ भाजपा के टिकट पर लड़े लेकिन हार गये। 2019 में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया तो वो कांग्रेस में शामिल हो गये लेकिन वो लोकसभा चुनाव नही जीत सके।

इस मौके पर रमाकांत यादव ने कहा कि देश में आज हालात बिगड़े हुए हैं, किसान और नौजवान अब अखिलेश जी से उम्मीद लगा रहे हैं। देश में पूंजीवाद फैलता जा रहा है, सेक्युलरिज्म समाप्त हो रहा है, सांम्प्रदायिकता फैल रही है। वहीं इस मौके पर सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि सत्ता में धर्म के नाम पर लोगो को भड़काने का काम किया जा रहा है। अखिलेश का लोगों के बीच में काफी क्रेज है।

लखनऊ। भाजपा, सपा और बसपा से विधायक व सांसद रहे आज़मगढ़ के रमाकान्त यादव लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में गये थे लेकिन एकबार ​उन्होने फिर से सपा का दामन थाम लिया। आज लखनऊ में उन्होने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। रमाकान्त यादव ने इसे अपनी घर वापसी बताया है। आपको बता दें कि कांग्रेस ने हाल ही में उन्हे पार्टी  विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। रमाकांत के साथ साथ कई बसपा नेता व फूलन देवी की बहन रुक्मण निषाद भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं। आपको बता दें कि रमाकांत यादव वर्ष 1985 में आजमगढ़ से पहली बार निर्दलीय विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1989 में बीजेपी, 1991 में समाजवादी जनता पार्टी, 1993 में सपा से विधायक बने। विधायकी के बाद उन्हे सासंद बनने का मौका मिला, 1996 और 1999 में सपा से, 2004 में बसपा से वहीं 2009 में एकबार फिर सपा से वो सांसद बने। 2014 में सपा ने आजमगढ़ से मुलायम सिंह को टिकट दे दिया तो रमाकान्त यादव मुलायम के खिलाफ भाजपा के टिकट पर लड़े लेकिन हार गये। 2019 में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया तो वो कांग्रेस में शामिल हो गये लेकिन वो लोकसभा चुनाव नही जीत सके। इस मौके पर रमाकांत यादव ने कहा कि देश में आज हालात बिगड़े हुए हैं, किसान और नौजवान अब अखिलेश जी से उम्मीद लगा रहे हैं। देश में पूंजीवाद फैलता जा रहा है, सेक्युलरिज्म समाप्त हो रहा है, सांम्प्रदायिकता फैल रही है। वहीं इस मौके पर सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि सत्ता में धर्म के नाम पर लोगो को भड़काने का काम किया जा रहा है। अखिलेश का लोगों के बीच में काफी क्रेज है।