सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल दो मामलों में बरी, चलता रहेगा राष्ट्रद्रोह का केस

हिसार। हरियाणा के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को अदालत से बड़ी राहत मिली है। हिसार कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान रामपाल को दो मामलों में बरी कर दिया है। रामपाल के खिलाफ दर्ज FIR नंबर 426 और 427 पर जज मुकेश कुमार ने सुनवाई की है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही हुई है।

बता दें कि रामपाल के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और आश्रम के अंदर महिलाओं को बंधक बनाकर रखने के आरोप थे। हालांकि रामपाल इन दोनों मामलों में बरी होने के बावजूद जेल में ही रहेंगे। रामपाल पर राष्ट्रद्रोह और हत्या के मामले चलते रहेंगे।

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रामपाल के वकील एपी सिंह ने कोर्ट का फैसला आने के बाद पत्रकारों को बताया, अदालत ने रामपाल को दो मामलों में बरी कर दिया है। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताया। यह फैसला 24 अगस्त को ही आना था, लेकिन डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के मामले को देखते हुए सुरक्षा कारणों से इसे टाल दिया गया था।

हिसार में धारा-144 लागू-

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अदालत के फैसला आने से पहले सुरक्षा के मद्देनजर हिसार में धारा-144 लगा दी गई थी। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। शहर को पूरी तरह सील कर दिया गया थे। शहर में 10 अतिरिक्त नाके लगाकर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है।

खुद को संत मानने वाले रामपाल के ऊपर ढेरों आरोप हैं। 20 नवंबर 2014 को हत्‍या के आरोप में गिरफ्तार रामपाल पर देशद्रोह का आरोप भी है। रामपाल की गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थकों ने पूरे इलाके को युद्ध का मैदान बना दिया था। रामपाल खुद को संत कबीर का उत्तराधिकारी मानता है।

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