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Rampur by-election 2022: क्या आजम खान गे गढ़ में सेंध लगा पायेंगे आकाश सक्सेना? ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर

रामपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। भाजपा ने यहां से आज प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने आजम खान के धुर विरोधी आकाश सक्सेना को चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में अब रामपुर की सियासी सरगर्मी और ज्यादा बढ़ गई है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

Rampur by-election 2022: रामपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। भाजपा ने यहां से आज प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने आजम खान के धुर विरोधी आकाश सक्सेना को चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में अब रामपुर की सियासी सरगर्मी और ज्यादा बढ़ गई है। दरअसल, आजम खान की विधायकी रद्द होने के बाद यहां पर उपचुनाव होने जा रहा है और भाजपा इस सीट पर जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। ये सीट

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आजम खान के धुर विरोधी हैं आकाश सक्सेना
बता दें कि, आजम खान को 27 माह तक सलाखों के पीछे रखवाने से लेकर सजा कराने तक में भाजपा युवा नेता आकाश सक्सेना का बड़ा हाथ रहा है। दो पैन कार्ड, दो पासपोर्ट, दो जन्म प्रमाण पत्र समेत कई मामलों में आकाश सक्सेना सीधे-सीधे मुकदमे में वादी हैं तो कई में कोर्ट में आजम और उनके परिवार पर चार्जफ्रेम कराने में मजबूत गवाही दे चुके हैं।

आजम के विरोध से शुरू हुआ सियासी सफर
बता दें कि, आजम खान के विरोध से ही आकाश सक्सेना का सियासी सफर शुरू हुआ। आकाश सक्सेना छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। बाद में कारोबार से जुड़े और अपनी फैक्ट्री खोल ली, जिसके बाद वह उद्योगपतियों के नेता बने और आईआईए के लंबे समय चेयरमैन रहे। इसके बाद उन्हें भाजपा ने पश्चिमी यूपी के लघु उद्योग प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया। इसके बाद राजनीति की मुख्यधारा में आ गए। मालूम हो कि आठ माह पूर्व हुए विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने आजम के मुकाबले आकाश सक्सेना को लड़ाया था।

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