बलात्कारी गुरुमीत राम रहीम को मिली 10 साल कैद की सजा

बलात्कारी गुरुमीत राम रहीम
बलात्कारी गुरुमीत राम रहीम को मिली 10 साल कैद की सजा

रोहतक। बलात्कार के आरोपों में दोषी करार दिए जा चुके डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरुमीत राम रहीम को हरियाणा की सीबीआई अदालत ने सोमवार को धारा 376, 511, 506 के तहत 10 साल की कैद सजा सुनाई है। अदालत ने गुरुमीत राम रहीम के वकीलों की ओर से पेश की गई तमाम दलीलों को दर किनार करते हुए, इस मामले में अधिकतम सजा सुनाई। सजा की सुनवाई के समय सीबीआई के वकील को ओर से गुरूमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा देने को कहा। सीबीआई के वकील की ओर से बताया गया कि बाबा को जिन दो साध्वियों के शारीरिक शोषण के मामले में दोषी पाया गया उनमें से एक साध्वी नाबालिग थी।

मिली जानकारी के मुताबिक रोहतक की सुनारिया जेल की लाइब्रेरी में बनाए गए अस्थाई कोर्ट रूम में सुनवाई कर रहे सीबीआई अदालत के जज जगदीप सिंह के पहुंचते ही मौके पर मौजूद गुरुमीत राम रहीम ने हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाई। गुरुमीत की गुहार को नजरंदाज करते हुए जज ने उन्हें कोर्ट रूम से बाहर जाने का आदेश देते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

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गुरूमीत राम रहीम का पक्ष रख रहे वकीलों ने सजा सुनाए जाने से पहले अदालत के सामने कहा कि अदालत को बाबा के द्वारा डेरा के माध्यम से किए जाने वाले सामाजिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए सजा सुनानी चाहिए। बाबा ने पिछले कुछ सालों में सेना के लिए ब्लड बैंक चलाने, स्वच्छता अभियान और अनाथ बच्चों के भरण पोषण से लेकर शिक्षा तक के कार्य किए है। यदि बाबा को कठोर सजा दी जाती है तो बाबा पर निर्भर लोगों के जीवन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

वहीं दूसरी ओर बाबा को आजीवन कारावास की सजा देने की मांग करते हुए सीबीआई के वकील ने कहा कि बाबा ने अपने आश्रम में कई साध्वियों का न सिर्फ शारीरिक शोषण किया है बल्कि उन्होंने एक नाबालिग साध्वी का भी शील भंग किया है। नाबालिग के शारीरिक शोषण के मामले मेंं बाबा को आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए। हालांकि अदालत ने नाबालिग साध्वी के शारीरिक शोषण के आरोप को साक्ष्यों की कमी को आधार बनाते हुए अस्वीकार कर दिया।

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कैदी नंबर 1997 बने बाबा गुरूमीत राम रहीम —

अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल के कैदी नंबर 1997 के रूप में नई पहचान दी गई है। राम रहीम को स्वास्थ जांच के बाद जेल भेजा जाना है। जहां वह मंलगवार से एक आम सजाभोगी कैदी की तरह काम करेंगे।

हाईकोर्ट जाएगा डेरा —

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मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई कोर्ट द्वारा 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद गुरुमीत राम रहीम के वकील हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस फैसले का विरोध करेंगे। वहीं कानूनी जानकारों की माने तो बाबा पर साबित हुए आरोपों के बाद उन्हें किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद न के बराबर है।

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