UP: इंसाफ ना मिलने से क्षुब्द गैंगरेप पीड़िता चढ़ी पानी की टंकी पर

लखनऊ। यूपी पुलिस की सुस्त और लचर व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाता हुआ एक मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक गैंगरेप पीड़िता इंसाफ की गुहार लगाने के लिए लगातार तीसरी बार पानी की टंकी पर चढ़ गयी और सुसाइड करने की धमकी दे दी। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अमला मौके पर आ पहुंचा। अधिकारियों के काफी समझने पर भी पीड़िता उतरने के लिए तैयार नहीं हुई। पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव की तरफ से आश्वासन मिलने पर 6 घंटे बाद पीड़िता टंकी से उतरी।

मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ के गोमतीनगर स्थित हैनीमैन चौराहे के पास नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी पर मूलरूप से अंबेडकर निवासी गैंगरेप पीड़िता आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चढ़ गयी। लड़की के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में गोमतीनगर, विभूतिखंड समेत कई थानों की पुलिस फोर्स को वहां बुला लिया गया।

विभूतिखंड थाने के एक अधिकारी ने मोबाइल फोन के जरिये युवती से संपर्क किया और मनाने की कोशिश की। हालांकि युवती लगातार टंकी से कूदकर आत्महत्या करने की धमकी देती रही। लड़की को हालांकि मानसिक तौर पर विक्षिप्त बताया जा रहा है। सुबह करीब 10 बजे उसने डीजीपी को तीन-चार बार फोन लगाया। उनकी तरफ से कोई रिस्पांस न आने पर यह लड़की टंकी पर चढ़ गई।

टंकी पर चढ़ने के बाद उसे मनाने की कोशिशें शुरू हुईं। वह अपना नंबर टंकी में नीचे लिखकर गई थी। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उस नंबर पर बात करने का प्रयास किया। एएसपी ट्रांसगोमती मनीराम यादव, सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव ने भी पीड़िता से बात की और टंकी से नीचे उतर आने को कहा।

इस बीच उसके गांव से दो लड़कियां आईं। उन्होंने डीजीपी से इस बारे में मुलाकात की। डीजीपी से मुलाकात और उनसे आश्वासन मिलने के बाद वह लड़कियां उस लड़की को टंकी से उतारने के लिए मौके पर पहुंची।

शुरुआत में टंकी पर चढ़ी उस लड़की ने अपनी इन सहेलियों की बात नहीं मानी, लेकिन बार-बार फोन करने पर अंतत: वह साढ़े चार बजे टंकी से उतर आई। टंकी से उतरने के बाद लड़की को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। 

बता दें कि इसी साल दो बार लखनऊ की अलग-अलग टंकियों पर चढ़कर हंगामा कर चुकी है। हजरतगंज में 22 सितंबर को दारुलशफा की करीब 70 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर अंबेडकरनगर की रेप पीड़िता ने हंगामा किया था। वहीं छह जून को उसने गांधी प्रतिमा पर आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर धरना दिया था। तेज धूप के चलते वह बेहोश हो गई थी।

इससे पहले 11 जून को वह सिविल अस्पताल परिसर में बनी टंकी में चढ़ गई थी। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उसे नीचे उतरवाया लेकिन आरोपी पकड़े नहीं गए थे।

क्या है आरोप

पीड़िता का आरोप है कि अंबेडकरनगर में गांव के ही विनोद कुमार दुबे, गोविंद कुमार और लल्लू वर्मा उर्फ रणजीत वर्मा बीते वर्ष 20 जुलाई को उसे कार से उठाकर टांडा रोड पर जोलैहा गांव के पास कांशीराम कालोनी में लल्लू के घर ले गए और बंधक बनाकर तीन महीने तक दुष्कर्म किया।

सितंबर में घर पर ही तीनों एक वकील को लेकर आए और गोविंद से कोर्ट में शादी करने की बात कहते हुए स्टाम्प पेपर पर साइन करा लिए। इसके बाद युवती को डरा-धमकाकर गोविंद के साथ उसके घर भेज दिया। कुछ दिन बाद गोविंद भाग गया और उसके परिवारीजनों ने युवती को भी घर से भगा दिया। इसके बाद से युवती न्याय पाने के लिए भटक रही है।