मोदी विरोधी ‘हमसफर’ को तलाक देने को तैयार है ये महिला

Rashmi Jain Of Delhi Claims That She Can Divorce Her Husband For Narendra Modi

नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर घिरी मोदी सरकार को राज्यसभा से लेकर ​लोकसभा तक विपक्षी दलों के कड़े विरोध का सामना पड़ रहा है। विरोधियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिना किसी तैयारी और योजना के 8 नवंबर को 500 और 1000 के नोटों पर बंदी लागू करने का जो तुगलकी फैसला लिया है, उससे देश का आम आदमी बैंकों और एटीएम के बाहर लाइन में जा खड़ा हुआ है।




विपक्ष की दलील है कि बिना किसी योजना के लिए गए इस फैसले से देश का किसान और मजदूर सबसे ज्यादा परेशान है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं आम आदमी को हो रही पेरशानी को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर देशवासियों से मिल रहे सहयोग के लिए कई बार आभार जता चुके हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक महिला सुर्खियों में आई है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले का समर्थन करने के लिए अपने एंटी मोदी पति को तलाक देने को तैयार है।




इस महिला नाम है रश्मी जैन और वह दिल्ली की रहने वालीं हैं। रश्मी का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले के साथ हैं। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो बिना किसी फायदे के देश के बारे में सोच रहे हैं। वहीं लोग नोटबंदी को लेकर उनके फैसले के लिए उन्हें दोष दे रहे हैं।

रश्मी की दलील है कि आज कौन किसी के लिए बिना फायदे के कुछ कर रहा है। एक आदमी है जो पूरे देश के लिए सोच रहा है। उनके विरोधी पूछते हैं कि बैंक में पैसा नहीं मिल रहा एटीएम में पैसा नहीं है। ऐसे लोगों को बताना चाहिए कि क्या नरेन्द्र मोदी एटीएम में पैसा डालने आएंगे या फिर बैंकों में पैसा पहुंचाएंगे। बैंक आपका है आप अपने अधिकार के लिए लड़ो। एक आदमी पूरे देश के लिए लड़ रहा है और आप अपने अधिकार के लिए तक नहीं लड़ सकते।




इतना ही नहीं रश्मी को मोदी विरोधियों से इतनी तकलीफ है कि वे आवेश में आकर यह तक कहने से नहीं हिचकिचाईं कि उनके पति भी एंटी मोदी हैं और वह मोदी के लिए अपने पति को भी तलाक देने को तैयार हैं।




125 करोड़ की आबादी वाले हमारे देश में रश्मी जैसे भले ही कम मोदी समर्थक हो लेकिन ऐसे कई समर्थक हैं जिन्हें मोदी की नोटबंदी से कोई परेशानी नहीं है। लोग नोटबंदी के फैसले को एक कठोर और देश की दिशा बदलने वाले फैसले के रूप में देख रहे हैं। बैंकों और एटीम की लाइनों में लगे लोग अगर नोटबंदी के लिए बैंककर्मियों के खिलाफ भड़क रहे हैं तो वही लोग नोटबंदी को अपने बेहतर भविष्य के लिए एक अच्छा फैसला करार देने में नहीं हिचकिचा रहे है।

नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर घिरी मोदी सरकार को राज्यसभा से लेकर ​लोकसभा तक विपक्षी दलों के कड़े विरोध का सामना पड़ रहा है। विरोधियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिना किसी तैयारी और योजना के 8 नवंबर को 500 और 1000 के नोटों पर बंदी लागू करने का जो तुगलकी फैसला लिया है, उससे देश का आम आदमी बैंकों और एटीएम के बाहर लाइन में जा खड़ा हुआ है। विपक्ष की दलील है कि बिना किसी…