दशहरा 2018: भारत के इन मंदिरों में आज भी राम की जगह होती है रावण की पूजा

दशहरा 2018: भारत के इन मंदिरों में आज भी राम की जगह होती है रावण की पूजा
दशहरा 2018: भारत के इन मंदिरों में आज भी राम की जगह होती है रावण की पूजा

Ravan Temple In India

लखनऊ। नवरात्रि का समापन हो चुका है और अब शुक्रवार यानि आज पूरे देशभर में विजयादशमी का त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन को बुराई पर अच्छाीई की जीत के लिए भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने रावण का वध कर माता सीता को मुक्त कराया था। उसके बाद से प्रत्येक वर्ष दशहरा के दिन रावण के पुतले जगह-जगह जलाने का चलन शुरू हो गया और इस दिन को बुराई पर अच्छातई की जीत के रूप में मनाया जाने लगा गया। यह तो सभी जानते हैं कि दशहरा का त्योहार कब से और क्यों मनाया जाता है लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि हमारे देश में कई ऐसे मंदिर हैं जहां आज भी विजयादशमी के दिन भगवान राम नहीं बल्कि दशानन रावण की पूजा होती है।

जाने कौन सी है वो जगह जहां रावण की होती है पूजा

मध्यपप्रदेश

  • मध्यप्रदेश के विदिशा शहर का रावणग्राम दशानन की पूजा के लिए प्रसिद्ध है।
  • विदिशा के रावणग्राम में रावण का एक मंदिर है।
  • यहां रावण की दस फुट लंबी प्रतिमा है।
  • रावण एक कान्याकुब्जि ब्राम्हणण था।
  • गांव के लोग दशहरा नहीं मनाते हैं।
  • यहां इस दिन रावण की पूजा की जाती है।

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    कानपुर

  • कानपुर के शिवाला में रावण का एक मंदिर है जहां साल में एक बार ही इस दशानन मन्दिर के पट खुलते है।
  • शहर के बीचो-बीच शिवाला स्थित कैलाश मंदिर में रावण का सैकड़ो साल पुराना मन्दिर है।
  • इस मंदिर में दशहरे के दिन रावण की पूजा होती है।

आंध्र प्रदेश

  • कथाओं के अनुसार रावण ने आंध्र प्रदेश के काकिनाड में एक शिवलिंग की स्थापना की थी।
  • वहां इसी शिवलिंग के निकट रावण की भी प्रतिमा स्थापित की गई है है।
  • यहां मछुआरा समुदाय शिव और रावण दोनों की पूजा करता है।
  • रावण को लंका का राजा माना जाता है और श्रीलंका में कहा जाता है कि राजा वलगम्बा ने इला घाटी में रावण के
  • नाम पर गुफा मंदिर का निर्माण कराया था।

हिमाचल प्रदेश

  • हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ कस्बा है।
  • बैजनाथ में बिनवा पुल के पास रावण का मंदिर है।
  • मंदिर में शिवलिंग व उसी के पास एक बड़े पैर का निशान है।
  • ऐसा माना जाता है कि रावण ने यहीं पर एक पैर पर खड़े होकर तपस्या की थी।
  • शिव मंदिर के पूर्वी द्वार में खुदाई के दौरान एक हवन कुंड भी निकला था।
  • इस कुंड के समक्ष रावण ने हवन कर अपने नौ सिरों की आहुति दी थी।
  • मान्यता है कि इस क्षेत्र में रावण का पुतला जलाया गया तो उसकी मौत निश्चित है।
  • रावण ने बैजनाथ में भगवान शिव की तपस्या कर मोक्ष का वरदान प्राप्त किया था।

उत्तरप्रदेश

  • उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोयडा जिले के बिसरख गांव में भी रावण का मंदिर है।
  • यहां ऐसी मान्यता है कि यहा रावण का ननिहाल था।
  • नोएडा के शासकीय गजट में रावण के पैतृक गांव बिसरख के साक्ष्य मौजूद नजर आते हैं।
  • इस गांव का नाम पहले विश्वेशरा था जो रावण के पिता विश्रवा के नाम पर पड़ा था।
  • अब इस गांव को बिसरख के नाम से जाना जाता है।
  • यह गांव गाजियाबाद शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है।
लखनऊ। नवरात्रि का समापन हो चुका है और अब शुक्रवार यानि आज पूरे देशभर में विजयादशमी का त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन को बुराई पर अच्छाीई की जीत के लिए भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने रावण का वध कर माता सीता को मुक्त कराया था। उसके बाद से प्रत्येक वर्ष दशहरा के दिन रावण के पुतले जगह-जगह जलाने का चलन शुरू हो गया और इस दिन को बुराई पर…