श्रीलंका: आज भी इस गुफा में मौजूद है रावण का शव, हजारों साल बाद हुआ खुलासा

श्रीलंका: आज भी इस गुफा में मौजूद है रावण का शव, हजारों साल बाद हुआ खुलासा
श्रीलंका: आज भी इस गुफा में मौजूद है रावण का शव, हजारों साल बाद हुआ खुलासा

नई दिल्ली। रामायण जैसे पौराणिक इतिहास के बारे में जानने की जिज्ञासा सभी को होती है। मान्यताओं के अनुसार आज भी श्रीलंका में रामायण से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जो भगवान श्रीराम और रावण से जुड़ी कई सच्चाइयों को बयां करते हैं।

Ravana Body Is Still Present In This Cave Of Sri Lanka :

बता दें कि एक शोध के मुताबिक, पुरातत्वविदों ने श्रीलंका में 50 से अधिक ऐसे स्थलों को खोजने का दावा किया है, जिनका संबंध रामायण काल है। इस शोध में यह भी दावा किया गया है कि रावण का शव आज भी एक गुफा में मौजूद है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह गुफा है कहां? तो हम आपको बता दें कि यह गुफा श्रीलंका के रैगला के घने जंगलों में स्थित है। हालांकि रावण की मृत्यु कब हुई थी, इसका कोई प्रमाण मौजूद नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि भगवान श्रीराम के हाथों उसके वध को 10 हजार साल से भी ज्यादा हो गए हैं।

कहा जाता है कि रैगला के जंगलों में 8 हजार फुट की ऊंचाई पर एक गुफा मौजूद है, जहां रावण के शव को ममी बनाकर एक ताबुत में रखा गया है। बताया जाता है कि ताबुत पर एक खास किस्म का लेप लगाया हुआ है, जिसकी वजह से हजारों सालों से वो वैसा का वैसा ही है।

रावण के शव से जुड़ी खास बातें

श्रीलंका के इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए रिसर्च के मुताबिक, जिस ताबुत में रावण का शव रखा हुआ है, उसकी लंबाई 18 फीट और चौड़ाई 5 फीट है। कहा जाता है कि इस ताबुत के नीचे रावण का बेशकीमती खजाना दबा हुआ है, जिसकी रखवाली एक भयंकर नाग और कई खूंखार जानवर करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था, उसके बाद उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए विभीषण को सौंप दिया था। लेकिन विभीषण ने राजगद्दी संभालने की जल्दी में रावण का शव वैसे ही छोड़ दिया।

कहा जाता है कि उसके बाद रावण के शव को नागकुल के लोग अपने साथ ले गए, क्योंकि उन्हें पूर्ण विश्वास था कि रावण की मौत क्षणिक है, वो फिर से जिंदा हो जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके बाद उन्होंने रावण के शव को ममी बना दिया, ताकि वो सालों तक सुरक्षित रहे। रिसर्च में यह भी खुलासा किया गया है कि रावण की अशोक वाटिका कहां थी और उसका पुष्पक विमान कहां उतरता था। इसके अलावा रिसर्च में भगवान हनुमान के पैरों के निशान खोजने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन सभी चीजों की प्रमाणिकता अभी तक सिद्ध नहीं हुई है।

नई दिल्ली। रामायण जैसे पौराणिक इतिहास के बारे में जानने की जिज्ञासा सभी को होती है। मान्यताओं के अनुसार आज भी श्रीलंका में रामायण से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जो भगवान श्रीराम और रावण से जुड़ी कई सच्चाइयों को बयां करते हैं। बता दें कि एक शोध के मुताबिक, पुरातत्वविदों ने श्रीलंका में 50 से अधिक ऐसे स्थलों को खोजने का दावा किया है, जिनका संबंध रामायण काल है। इस शोध में यह भी दावा किया गया है कि रावण का शव आज भी एक गुफा में मौजूद है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह गुफा है कहां? तो हम आपको बता दें कि यह गुफा श्रीलंका के रैगला के घने जंगलों में स्थित है। हालांकि रावण की मृत्यु कब हुई थी, इसका कोई प्रमाण मौजूद नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि भगवान श्रीराम के हाथों उसके वध को 10 हजार साल से भी ज्यादा हो गए हैं। कहा जाता है कि रैगला के जंगलों में 8 हजार फुट की ऊंचाई पर एक गुफा मौजूद है, जहां रावण के शव को ममी बनाकर एक ताबुत में रखा गया है। बताया जाता है कि ताबुत पर एक खास किस्म का लेप लगाया हुआ है, जिसकी वजह से हजारों सालों से वो वैसा का वैसा ही है। रावण के शव से जुड़ी खास बातें श्रीलंका के इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए रिसर्च के मुताबिक, जिस ताबुत में रावण का शव रखा हुआ है, उसकी लंबाई 18 फीट और चौड़ाई 5 फीट है। कहा जाता है कि इस ताबुत के नीचे रावण का बेशकीमती खजाना दबा हुआ है, जिसकी रखवाली एक भयंकर नाग और कई खूंखार जानवर करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था, उसके बाद उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए विभीषण को सौंप दिया था। लेकिन विभीषण ने राजगद्दी संभालने की जल्दी में रावण का शव वैसे ही छोड़ दिया। कहा जाता है कि उसके बाद रावण के शव को नागकुल के लोग अपने साथ ले गए, क्योंकि उन्हें पूर्ण विश्वास था कि रावण की मौत क्षणिक है, वो फिर से जिंदा हो जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके बाद उन्होंने रावण के शव को ममी बना दिया, ताकि वो सालों तक सुरक्षित रहे। रिसर्च में यह भी खुलासा किया गया है कि रावण की अशोक वाटिका कहां थी और उसका पुष्पक विमान कहां उतरता था। इसके अलावा रिसर्च में भगवान हनुमान के पैरों के निशान खोजने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन सभी चीजों की प्रमाणिकता अभी तक सिद्ध नहीं हुई है।